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इटावा में चकरनगर-हनुमंतपुरा मार्ग पर ढकरा पुलिया पर लगा लंबा जाम, फंसे भारी वाहन

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ढकरा पुलिया बंद होने की वजह से लगी वाहनों की कतार। संवाद - फोटो : ETAWAH
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चकरनगर (संवाद)। धसकी ढकरा पुलिया पर भारी वाहनों की आवाजाही बंद करने से शनिवार को चकरनगर-हनुमंतपुरा मार्ग पर दो किलोमीटर लंबा जाम लग गया। उमस भरी गर्मी में बीहड़ में लगे जाम में फंसे चालक भूख और प्यास से बेहाल रहे। आसपास गांवों के बच्चों से बिस्कुट, नमकीन खरीदकर भूख मिटाने की कोशिश की। जाम देर रात तक लगा रहा।
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मरम्मत के कारण ग्वालियर हाईवे पर बने चंबल पुल 27 जून से बड़े वाहनों के निकलने पर रोक है। बड़े वाहनों को चकरनगर-हनुमंतपुरा मार्ग पर डायवर्ट कर दिया गया था। वाहनों के दबाव से पहले से जर्जर ढकरा पुलिया धसकने लगी थी। इसे देखते हुए डीएम ने गुरुवार को भारी वाहनों की आवाजाही रोकने के निर्देश दिए थे। पुलिस ने शनिवार सुबह सहसों थाना क्षेत्र के बल्लो गढ़िया मधूपुरा उमरी मार्ग, चंद्र हंसपुरा पांडरी बाबा मंदिर मार्ग और फूफ-सोनेपुरा मार्ग पर बैरियर लगा दिए। इससे दोपहर एक बजे तक फूफ टोल तक भारी वाहनों की लंबी कतार लग गई।
दूसरा रास्ता न होने से वाहन फंस गए। उमस भरी गर्मी में चालक भूस-प्यास से बेहाल रहे। कई चालक अपने वाहन छोड़कर पास के बगीचों में जाकर पेड़ की छांव में बैठ गए। लंबे जाम की सूचना पर आसपास गांव के बच्चे नमकीन, बिस्कुट, गुटखा, बीड़ी आदि बेचने पहुंच गए। बच्चों ने नमकीन और बिस्कुट खाकर भूख मिटाने का प्रयास किया।
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25 किलोमीटर तक खाने-पीने के इंतजाम नहीं
बीहड़ क्षेत्र में जिस जगह जाम लगा वहां पीने के पानी तक इंतजाम नहीं था। ट्रक चालक खेतान सिंह, राम भरोसे, गोपीराम ने बताया कि रास्ता बंद होने की जानकारी नहीं थी। रात को खाना खाकर चले थे। सुबह से खड़े हैं, यहां पीने का पानी तक नहीं है। चालक नेकेसे, वृंदावन यादव ने कहा कि पीछे तक वाहनों की कतार लगी है, लौट भी नहीं सकते हैं। कन्हैया, जयसी और राम कुंदन सिंह ने बताया कि 25 किलोमीटर तक खाने-पीने का कोई इंतजाम नहीं है।
वाहन निकलवाने के लिए घनघनाते रहे फोन
मध्य प्रदेश बॉर्डर से बड़ी संख्या में मौरंग आदि से लदे डंपर आते हैं। दोनों रास्ते बंद होने से सबसे ज्यादा परेशानी खनन का कारोबार करने वालों को है। ऐसे लोग पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों और नेताओं से वाहन निकलवाने के लिए फोन करते रहे।
लकड़ियों से धसकी पुलिया बचाने का प्रयास
धसक रही ढकरा पुलिया को लोक निर्माण विभाग के अधिकारी विलायती बबूल की लकड़ियों के सहारे बचाने का प्रयास कर रहे हैं। बोरियों में मिट्टी भरकर लकड़ियों के सहारे लगाई गईं हैं। बाढ़ में बही पुलिया के निर्माण के लिए 2019 में एक करोड़ का प्रस्ताव भेजा गया था, लेकिन अभी तक स्वीकृति नहीं मिली है।
सवारी वाहन निकलेंगे
एसडीएम मलखान सिंह ने बताया कि ढकरा पुलिया से भारी वाहन की आवाजाही पर रोक है लेकिन सवारी वाहनों की आवाजाही जारी रहेगी।

बवूल की लकड़ियों के सहारे ढकरा पुलिया मिट्टी रोकने का किया जा रहा प्रयास। संवाद- फोटो : ETAWAH

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