लायन सफारी में मंगलवार को कार्यशाला के दूसरे दिन विदेशी विशेषज्ञों ने सफारी के कर्मचारियों को बताया कि शेरों को स्वस्थ रहने के लिए उनका भागना-दौड़ना और उछलना-कूदना बेहद जरूरी है। इसके लिए प्राकृतिक वातावरण तैयार करना होगा।
इसके बाद फील्ड वर्क के दौरान लंदन के विशेषज्ञ मार्क किंग्सटन जॉस व क्रिस्टोफर जॉन हेल्स की देखरेख में शेरों के बाड़े के पीछे उनकी चहलकदमी के लिए बनाए गए सुरक्षित स्थान पर सूखे यूकेलिप्टिस के पेड़ के लंबे-चौडे़ पोल लगाए गए।
इन पोलों पर स्टील की रस्सी बांध कर शेरों के उछलने कूदने के इंतजाम किए जाएंगे। लायन सफारी के निदेशक संजय श्रीवास्तव के मुताबिक सफारी में प्रशिक्षण के दूसरे दिन मंगलवार को लंदन के विशेषज्ञ मार्क किंग्सटन जॉस व क्रिस्टोफर जॉन के निर्देश पर लकड़ी के पोल मंगाए गए।
इन पोलों को ब्रीडिंग सेंटर के ब्लाक नंबर 04 के बाड़ों के पीछे शेरों के लिए सुरक्षित किए गए स्थान पर गहराई से लगाया गया। विशेषज्ञों के अनुसार शेरों के स्वस्थ रहने के लिए उनका भागना दौड़ना और उछलना कूदना जरूरी है।
शेरों के बाड़ों के सुरक्षित स्थान पर इसी के लिए पोल लगाए गए हैं। इन पोलों पर स्टील की रस्सी बांधी जाएगी और इस रस्सी पर मीट को बांध कर इतनी ऊंचाई पर लटकाया जाएगा, जिसे पाने के लिए शेर उछल कूद करें।
इसके साथ ही इन पोलों के सहारे कुछ अन्य मजबूत शाखाओं को भी निचाई पर लगाने की तैयारी है, जिससे शेर इन पर चढ़ने का प्रयास करें और इससे उनकी एक्सरसाइज हो। सोमवार को जिस ब्लाक के पीछे पोल लगाने का कार्य पूरा किया गया है।,
उसमें शेर गीगो व शेरनी गिरेश्मा को रखा गया है। इसके बाद अन्य शेरों के ब्लाकों में स्वयं लायन सफारी प्रशासन यह कार्य पूरा करेगा।