इटावा। अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट द्वितीय ने हत्या के मामले में तीन भाइयों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। तीनों पर दस-दस हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना अदा न करने पर छह माह की अतिरिक्त सजा काटनी होगी।
अपर जिला शासकीय अधिवक्ता दंड वीरेंद्र सिंह वर्मा ने बताया कि बढ़पुरा थाना क्षेत्र के गांव अजबपुर की मडै़या निवासी प्रेम नारायण पुत्र स्वामीचरण उर्फ बंगाली 19 जून 2018 को अपने खेत पर थे। उनके ही गांव का मुकेश यादव बकरी चराने खेतों पर आया। बकरियां प्रेम नारायण के खेत में खड़ी चरी की फसल में छोड़ दी। प्रेम नारायण ने बकरियां निकालने के लिए कहा तो दोनों में विवाद हो गया।
शाम को प्रेम नारायण उलाहना देने मुकेश के घर गया तो मुकेश और उसके परिवार के लोगों ने गाली गलौज कर जान से मारने की धमकी दी। 20 जून को प्रेम नारायण अपने खेत पर गए, लेकिन घर नहीं लौटे।
शाम करीब छह बजे प्रेम नारायण के भाई सुमित नारायण उनकी तलाश करने निकले। खेत के पास से ही उन्होंने मुकेश और उसके भाइयों को भागते देखा। यह देख जब खेत में गए तो प्रेम नारायण का शव बबूल के पेड़ के नीचे पड़ा था। इसकी सूचना सुमित ने परिजनों और पुलिस को दी। सुमित नारायण की तहरीर पर पुलिस ने मुकेश यादव, वीरेंद्र यादव, रामवीर यादव पुत्रगण अंगद सिंह निवासी अजबपुर की मडै़या के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज की।
विवेचना के बाद पुलिस ने साक्ष्य संकलित कर तीनों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया। मामले की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट द्वितीय कल्पना ने की। अपर जिला शासकीय अधिवक्ता वीरेंद्र सिंह वर्मा द्वारा पेश गवाहों व साक्ष्यों का बचाव पक्ष के वकील सही तरीके से जवाब देकर कोर्ट को संतुष्ट करने में सफल नहीं हुए। इस पर तीनों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई।