इटावा। शासकीय समाज कल्याण इंटर कालेज में वर्ष 2014 में छात्र की हत्या के मामले में जिला सत्र न्यायाधीश ने आरोपी का दोषी करार देकर आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। हत्यारे पर तीन हजार रुपये जुर्माना भी किया गया है। जुर्माने की राशि मृत की मां को दी जाएगी।
जिला शासकीय अधिवक्ता शिव कुमार शुक्ला ने बताया कि बढ़पुरा कालोनी निवासी बलबीर सिंह ने छह वर्षीय पुत्र ब्रह्म सिंह का दाखिला बसरेहर थाना क्षेत्र के ग्राम नगला हीरा लाल स्थित शासकीय समाज कल्याण इंटर कालेज में कक्षा एक में कराया था। ब्रह्म सिंह छात्रावास में रह रहा था। 27 नवंबर 2014 को बलबीर सिंह को बच्चे की तबीयत खराब होने की सूचना मिली। परिवार के साथ वह मौके पर पहुंचे तो ब्रह्म सिंह की मौत हो चुकी थी। शव छात्रावास के तख्त पर पड़ा था। शरीर व गर्दन पर चोटों के निशान थे और जीभ भी बाहर निकली थी।
बलबीर ने कालेज में पढ़ने वाले छात्र सुबोध कुमार निवासी नगला बनी थाना चौबिया के खिलाफ मारपीट और गला दबाकर हत्या करने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस की विवेचना में सामने आया कि सुबोध छोटे बच्चों के साथ मारपीट करता है। उसने कुछ दिन पूर्व ब्रह्म सिंह के साथ मारपीट की थी। ब्रह्म सिंह ने इसकी शिकायत अपनी मां से की थी। इसी से नाराज होकर सुबोध ने उसकी गला दबाकर हत्या कर दी। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर कर चार्जशीट कोर्ट में प्रस्तुत की थी।
मुकदमे की सुनवाई सत्र न्यायाधीश विनय कुमार द्विवेदी की अदालत में हुई। न्यायाधीश ने साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को दोषी कराकर देकर आजीवन कारावास की सजा सुनाई। हत्यारे पर तीस हजार का जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माना अदा न करने पर एक साल का कारावास भोगना पड़ेगा। जुर्माने की रकम मृतक की मां अनीता देवी को दी जाएगी। अनीता के न होने पर पिता को रकम दी जाएगी।