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इटावा सफारी में अभी भी तेंदुए की दहशत

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इटावा। इटावा सफारी पार्क में अभी भी तेंदुए की दहशत बरकरार है। बफर जोन में यदा कदा तेंदुए के पैरों के निशान दिखाई दे रहे हैं। तेंदुए को पकड़ने के लिए 10 ट्रेसिंग कैमर, पांच शिविर लगाने के साथ जेडएसए से विशेषज्ञों की टीम भी बुलाई गई है। सफारी प्रशासन ने एंटीलोप सफारी में तेंदुआ न होने का दावा किया है।
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सफारी के उपनिदेशक एके सिंह ने बताया है कि सफारी क्षेत्र के बाहर बफर जोन में कभी कभी तेंदुए के पैरों के निशान दिखाई देते हैं। बाहर क्षेत्र में तेंदुए की गतिविधि की जानकारी के लिए 10 ट्रेसिंग कैमरे तथा पांच ट्रैकिंग शिविर लगा दिए गए हैं। तेंदुए को पकड़ने की रणनीति बनाने के लिए सीजेडए से विशेषज्ञों की टीम भेजने का अनुरोध भी किया गया है। ये टीम जल्द ही पहुंचेगी।
उपनिदेशक ने बताया कि सफारी के सबसे बाहर की बाउंड्रीवाल नीची है। बाउंड्रीवाल के करीब ही टीले भी हैं। इन टीलों के सहारे तेंदुए के आने की आशंका रहती है। बाउंड्रीवाल को ऊंचा करने के लिए शासन को लिखा जा रहा है।
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उपनिदेशक ने दावा किया है कि एंटीलोप सफारी में तेंदुआ या कोई हिंसक वन्यजीव नहीं है। ऐसे किसी जीव की उपस्थिति के साक्ष्य नहीं मिले हैं। उन्होंने यह भी कहा है कि किसी भी हिरण की मृत्यु परिलक्षित नहीं हुई है सभी जानवर सुरक्षित है। हिरण सफारी की बाउंड्री भी ऊंची करा दी गई है।
पिछले महीने भी लगाए गए थे पिंजरे
सफारी पार्क में पिछले महीने दस हिरनों की मौत होने से मामला तूल पकड़ गया था। शुरू में सफारी प्रशासन ने हिरणों की मौत से इनकार किया था लेकिन बाद में माना था कि बफर जोन में कभी कभी तेंदुआ दिखाई पड़ जाता है। तेंदुए को पकड़ने के लिए सफारी में पिंजड़े लगाए गए थे। उसमें बकरी भी बांधकर रखी गई है लेकिन तेंदुआ पकड़ में नहीं आया था।
अखिलेश ने भी किया था ट्वीट
पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने इटावा प्रवास के दौरान सफारी में तेंदुआ न पकड़ पाने को लेकर प्रदेश सरकार पर तंज कसते हुए ट्वीट किया था। उन्होंने अपने ट्वीट में यह भी दावा किया था कि हिरनों के शिकार के संबंध में सफारी प्रशासन असली संख्या छिपा रहा है।
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