निवाड़ीकला। सरकार भले ही किसानों की आय दोगुनी करने और उन्हें घर के पास सुविधाएं देने के बड़े-बड़े दावे करती हो लेकिन जमीनी हकीकत इसके उलट है। कस्बा निवाड़ीकला में बना सहकारी संघ का भवन आज विभाग की उपेक्षा के चलते खंडहर में तब्दील हो रहा है। स्थिति यह है कि यहां गेहूं और धान खरीद केंद्र भी नहीं बनाया जाता है। इससे 20 गांवों के लगभग 10 हजार किसान परेशान हैं।
किसानों का कहना है कि स्थानीय स्तर पर खरीद केंद्र न होने के कारण उन्हें अपनी उपज बेचने के लिए 15 से 20 किलोमीटर दूर दूसरे केंद्रों पर जाना पड़ता है। ट्रैक्टर-ट्रॉली का भारी किराया और लंबी लाइनों के कारण किसानों का समय और पैसा दोनों बर्बाद हो रहे हैं। निवाड़ीकला के सहकारी संघ का अपना विशाल भवन होने के बावजूद उसे उपयोग में नहीं लाया जा रहा है। किसानों का कहना है कि जिले की सबसे अधिक पंचायतों वाले ब्लॉक महेवा में सिर्फ तीन गेहूं खरीद केंद्र बनाए गए हैं। इसमें लाखी, मुकटपुर और बकेवर शामिल हैं जबकि ब्लॉक में 91 ग्राम पंचायतें हैं।
निवाड़ीकला निवासी किसान राजीव दीक्षित का कहना है कि सहकारी संघ का भवन होते हुए भी हमें दूर जाना पड़ता है। कई बार मांग की गई कि यहां गेहूं खरीद केंद्र खोला जाए लेकिन प्रशासन ध्यान नहीं दे रहा।
नौगवां निवासी किसान राजेश यादव ने बताया कि गांव के किसानों को 10 से 15 किमी की दूरी तय करके गेहूं बेचने जाना पड़ता है। अगर निवाड़ीकला सहकारी संघ में खरीद केंद्र खोला जाए तो सिर्फ दो किमी दूरी तय करनी पड़ेगी और पैसा भी बचेगा।