ट्राली पर निरीक्षण करते सीआरएस पीके बाजपेई
- फोटो : अमर उजाला
रेल संरक्षा आयुक्त पीके बाजपेई ने शुक्रवार को नवनिर्मित इटावा-मैनपुरी ट्रैक का निरीक्षण किया। निरीक्षण स्पेशल ट्रेन से वह सुबह इटावा स्टेशन पर पहुंचे और यहां से मोटर ट्राली में सवार होकर ट्रैक पर निरीक्षण के लिए निकले। वह शाम लगभग साढे़ चार बजे मैनपुरी स्टेशन पहुंचे। यहां पर नए ट्रैक से जुड़ी व्यवस्थाओं को देखा। इसके बाद यहां से निरीक्षण ट्रेन से 90 से 100 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से शाम को वापस इटावा स्टेशन पहुंचे।
रेल संरक्षा आयुक्त श्री बाजपेई दलबल के साथ शुक्रवार सुबह 9 बजकर पांच मिनट पर निरीक्षण ट्रेन से इटावा स्टेशन पर पहुंचे। उनके साथ रेलवे इलाहाबाद मंडल के डीआरएम संजय कुमार पंकज मौजूद रहे। प्लेटफार्म पांच पर ट्रेन के रुकने के बाद वह यहां से 09 बजकर 32 मिनट पर मोटर ट्राली पर सवार होकर मैनपुरी लाइन के एडवांस स्टार्टर सिगभनल पर पहुंचे। यहां पर हवन में आहुति देने के बाद श्री बाजपेई ने ट्रैक पर नारियल फोड़कर निरीक्षण शुरू किया। और मोटर ट्रालियों के काफिले के साथ मैनपुरी के लिए रवाना हो गए। रास्ते में हाईवे पुल के निकट उन्होंने ट्राली से उतरकर ट्रैक को जांचा। इटावा-मैनपुरी के बीच इस नवनिर्मित ट्रैक पर मुख्य करहल स्टेशन पर श्री बाजपेई लगभग आधा घंटे तक रहे। यहां सिगभनल कार्यप्रणाली को चेक किया। शाम साढ़े चार बजे मैनपुरी स्टेशन पहुंचे और स्टेशन का निरीक्षण करने के बाद रेल संरक्षा आयुक्त ने स्पेशल ट्रेन में सवार होकर ट्रायल किया। ट्रायल में निरीक्षण स्पेशल ट्रेन को 100 कि लोमीटर की रफ्तार से मैनपुरी से इटावा स्टेशन के बीच दौड़ाया गया। शाम लगभग छह बजे निरीक्षण ट्रेन के इटावा स्टेशन पहुंचने पर डीआरएम संजय कुमार पंकज ने कहा कि निरीक्षण दौरा पूरी तरह ठीक रहा है। निरीक्षण दौरे में मुख्य सहायक अभियंता निर्माण कमल तलरेजा, मुख्य अभियंता प्रशासन पीयूष अग्रवाल, चीफ सेफ्टही आफीसर एमके सिंह, मुख्य अभियंता निर्माण नरेंद्र कुमार, मुख्य अभियंता पातीराम, एसीएम टूण्डला अमन वर्मा, राष्ट्रीय रेलवे सलाहकार समिति के पूर्व सदस्य शेख मोहम्मद आदि शामिल रहे।
रेलमंत्रालय की झंडी के बाद जल्द चलेगी ट्रेन
इटावा। डीआरएम संजय कुमार पंकज ने कहा कि निरीक्षण दौरा पूरी तरह से सफल रहा है। रेल संरक्षा आयुक्त के द्वारा बताई गई कुछ कमियों को 15 दिनों के अंदर दूर कर दिया जाएगा। निरीक्षण की रिपोर्ट रेल संरक्षा आयुक्त रेल मंत्रालय को सौंपेंगे। इसके बाद ट्रैक पर यात्री ट्रेन चलाने की तारीख रेल मंत्रालय के द्वारा तय की जाएगी।