मौजूदा वर्ष के आखिर तक जिले के हाकी खिलाड़ियों को एस्ट्रो टर्फ हाकी स्टेडियम में खेलने का तोहफा मिलेगा! शहर के बन रहे हाकी स्टेडियम का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है। अब सिर्फ एस्ट्रो टर्फ बिछना शेष है।
कार्यदायी संस्था का दावा है कि एक महीने में वह निर्माण कार्य पूर्ण कर लेगी। इसके बाद स्टेडियम में खेल और प्रशिक्षण शुरू कराने की जिम्मेदारी खेल विभाग की होगी।
हाकी खिलाड़ियों की मांग पर प्रदेश में सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने एस्ट्रो टर्फ हाकी स्टेडियम की घोषणा की थी। सीएम की ओर से 2041 लाख रुपये के प्रोजेक्ट को मंजूरी मिलने के बाद कार्यदाई संस्था राजकीय निर्माण निगम ने निर्माण कार्य शुरू करा दिया।
प्रोजेक्ट के तहत एस्ट्रो टर्फ हाकी स्टेडियम, जिमनेजियम हॉल के साथ ही बहुउद्देश्यीय क्रीड़ा हाल का जीर्णोद्धार होना था। शहर में नुमाइश के पास बने ज्योतिबा फुले स्पोर्ट्स स्टेडियम के पास खाली पड़ी जमीन पर एस्ट्रो टर्फ हाकी स्टेडियम का निर्माण कराया गया है।
इसके साथ ही स्टेडियम के पड़ोस में ही एकलव्य भवन की जमीन पर जिमनेजियम हॉल का निर्माण कराया गया है। एस्ट्रो टर्फ हाकी स्टेडियम का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है। एस्ट्रो टर्फ भी आ चुकी है। बस अब लेबलिंग का कार्य होने के साथ ही एस्ट्रो टर्फ की पेस्टिंग होना शेष रह गया है।
कार्यदायी संस्था राजकीय निर्माण निगम का दावा है कि एक महीने में स्टेडियम पूरी तरह से तैयार हो जाएगा और इसके बाद उसे खेल विभाग के हैंडओवर कर दिया जाएगा। वहीं खेल विभाग भी नंबर महीने तक हाकी स्टेडियम में प्रतियोगिताओं के साथ ही प्रशिक्षण देने के लिए तैयार है।
जिमनेजियम हॉल भी है तैयार
ज्योतिबा फुले स्पोर्ट्स स्टेडियम के पास ही जिमनेजियम हॉल का निर्माण कराया गया। जिमनेजियम हॉल पूरी तरह से तैयार है। यहां सिर्फ फिनशिंग का कार्य शेष रहा गया है जो तेजी के साथ चल रहा है।
जिमनेजियम हॉल के लिए उपकरणों का इंतजार किया जा रहा है। स्टेडियम के साथ ही जिमनेजियम हॉल का भी उद्घाटन संपन्न करा दिया जाएगा। इसके साथ ही ज्योतिबा फुले स्पोर्ट्स स्टेडियम में बने बहुउद्देश्यीय हॉल में भी चल रहे निर्माण कार्य अंतिम चरण में पहुंच चुके हैं।