मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव के हाथों से साहित्य शिरोमणि सम्मान लेने के बाद लखनऊ से वापस लौटते समय पद्मश्री कवि गोपालदास नीरज ने इकदिल कस्बे में विश्राम किया।
इस दौरान पत्रकारों से यहां जुड़ी यादों को साझा करते हुए उन्होंने कहा कि इकदिल में बिताए पल हमेशा याद आते हैं। उन्होंने बताया कि मेरा इकदिल से बहुत पुराना रिश्ता है। बचपन की यादें ताजा करते हुए वह बोले कि यहां बिताए हुए पल हरदम याद आते हैं।
लखनऊ में साहित्य के क्षेत्र में साहित्य शिरोमणि पुरस्कार से सम्मानित किए जाने पर उन्होंने कहा कि लोगों को साहित्य से जुड़े रहना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि धीरे-धीरे लोगों की रुचि साहित्य में कम हो रही है। यह समाज के लिए बहुत ही घातक सिद्ध होगी।
समाज में बढ़ रही पाश्चात्य संस्कृति का विरोध करते हुए उन्होंने कहा कि अपने देश की संस्कृति को अपनाने से ही देश का भला हो सकता है।
इस मौके पर ज्वालाशरण सक्सेना, मनोज तिवारी, हरदीप सक्सेना, डा. सुशील सम्राट, देवेंद्र गुप्ता, अशरफ अंसारी, अभिषेक सक्सेना, मोहित सक्सेना, अभिनंदन तिवारी आदि ने उनका हालचाल लिया। उनके साथ पुत्र मिलन प्रभात गुंजन व पुत्रवधू सहित परिवार के अन्य सदस्य भी मौजूद रहे।