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अवैध रूप से असलहा बनाने की फैक्टरी का भंडाफोड़

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फोटो संख्या 70 पुलिस की गिरफ्त में अवैध रूप से असलहा बनाने का आरोपी कुलदीप - फोटो : ETAWHA
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थाना पुलिस ने बुधवार को अवैध रूप से असलहा बनाने वाली फैक्टरी का भंडाफोड़ किया है।
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मौके से एक व्यक्ति को गिरफ्तार कर पुलिस ने 12 बोर की अधिया (कम लंबाई की बंदूक) और 315 बोर का अधबना तमंचा समेत असलहों के कलपुर्जे और कई तरह के औजार बरामद किए हैं।
पुलिस की गिरफ्त में आया व्यक्ति असलहा कारीगर है। असलहों की सप्लाई करने वाला इसका साथी मौके से भागने में सफल रहा।
थाना प्रभारी निरीक्षक मदन गोपाल गुप्ता ने बताया कि मुखबिर से मिली सूचना पर नगला तार गांव को जाने वाली सड़क पर एचके ईंट भट्ठा के पास छुट्टन के ट्यूबवेल पर अवैध रूप से असलहा बनाने की फैक्टरी पकड़ी गई है।
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पुलिस ने मौके से कस्बा इकदिल के खेड़ापति मोहल्ला निवासी कुलदीप उर्फ पप्पू पाल पुत्र स्व जसवंत सिंह पाल को गिरफ्तार किया है। नगला तार गांव निवासी उसका साथी कुलदीप राजपूत पुत्र शंभू दयाल भागने में सफल रहा।
गिरफ्त में आए पप्पू पाल ने बताया कि करीब एक साल से अधिया और तमंचे बना रहा है। असलहों के कलपुर्जे कानपुर के लोहा मार्केट से खरीद कर लाता था। 315 बोर का कंपलीट तमंचा के उसे 2500 रुपये मिल जाते थे।
इन अवैध तमंचों की खपत उसका साथी कुलदीप राजपूत करता था। पुलिस ने मौके से 12 बोर की कंपलीट अधिया, 315 बोर का एक अधबना तमंचा, 12 बोर के चार कारतूस, 315 बोर का एक कारतूस, 12 बोर के 10 खोखा कारतूस के अलावा पिस्टल, तमंचा और बंदूक की नलियां भी बरामद की है। असलहों के अलावा कई किस्म के औजार भी मिले हैं।
इनमें हथौड़ा, कई प्रकार की रेतियां, आरियां, पेचकस, रिंच, बोर नापने वाले नट, छेद करने वाली ड्रिल मशीन, असलहा में इस्तेमाल होने वाली स्प्रिंग, गैस सिलिंडर, बर्नर आदि अन्य सामान शामिल है।
पुलिस ने कुलदीप पाल और उसके फरार साथी कुलदीप राजपूत के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। फरार साथी को पकड़ने के लिए पुलिस दबिशें दे रही है।
पुलिस की गिरफ्त में आए 48 साल का शादीशुदा कुलदीप पाल गाजियाबाद में प्राइवेट गार्ड की नौकरी करता था। कोई दो साल पहले वह नौकरी छोड़कर घर आ गया और इस काले धंधे में लिप्त हो गया।
उसके पास बंदूक का लाइसेंस भी है। हालांकि पुलिस को अभी उसकी लाइसेंसी बंदूक बरामद नहीं हुई है। पूछताछ में कुलदीप ने पुलिस को बताया कि उसने गाजियाबाद में भी असलहों को बनाने का तरीका सीखा था।
इसी वजह से वह नौकरी छोड़कर घर आ गया। थाना प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि मौके से जो औजार बरामद हुए हैं। उनमें कई बेहद अहम हैं। जिनसे पिस्टल भी तैयार की जा सकती है।
पुलिस ने छापामार कार्रवाई के दौरान एक अधिया बरामद की। कुलदीप अवैध तमंचे लगातार तैयार करके बेचता रहा है।
थाना प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि पूछताछ में पता चला कि दो महीनों में करीब 20 तमंचे तैयार करके कुलदीप चाजपूत को बेचे गए थे। जिन्हें कुलदीप ने कहीं और बेचा होगा। इससे जाहिर है कि साल भर में कुलदीप पाल करीब सौ से अधिक तमंचे तैयार कर लेता था।
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प्रभारी निरीक्षक के मुताबिक अवैध रूप से तमंचा बनाने के इस काम में फिलहाल दो लोगों के ही नाम सामने आए हैं। पुलिस को फरार कुलदीप राजपूत की तलाश है। उसके पकड़े जाने पर अवैध तमंचों की आपूर्ति कहां कहां हुई है।
इसकी जानकारी मिलेगी। उन्होंने बताया कि कुलदीप पाल पहली बार पुलिस की गिरफ्त में चढ़ा है। उसके खिलाफ पूर्व में कोई मुकदमा दर्ज नहीं है।
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