कोतवाली थाना क्षेत्र के अंतर्गत यमुना तलहटी में गुरुवार की दोपहर को चूल्हे से उठी चिंगारी से छप्पर में आग लग गई। लपटों ने पड़ोस के मकान को भी अपनी चपेट में ले लिया। जब तक आग पर काबू पाया जाता तब तक गृहस्थी का सामान जलकर राख हो चुका था।
यमुना तलहटी निवासी राधेश्याम के घर गुरुवार की दोपहर को खाना बन रहा था। अचानक चूल्हे की चिंगारी छप्पर पर जा गिरी जिससे छप्पर में आग लग गई। हवा से आग की लपटों ने पड़ोस में रहने वाले उसके भाई वीर सिंह के घर को भी चपेट में ले लिया।
आसपास के लोगों ने आग पर काबू पाने के प्रयास किए तथा दमकल विभाग को भी जानकारी दी। दमकल की गाड़ी मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया। आग लगने से राधेश्याम तथा उसके भाई वीर सिंह के घर का सामान जलकर राख हो गया। आग की लपटों ने भूसा को भी जलाकर राख कर दिया है।
मानिकपुर में दूसरे दिन पसरा रहा मातम
ऊसराहार (इटावा)। आग लगने से बुधवार को 12 घर जलकर राख होने के बाद मानिकपुर गांव में दूसरे दिन भी मातम पसरा रहा। हर कोई अग्निकांड में हुए नुकसान के आकलन में लगा हुआ है।
घटना के बाद से पीड़ितों का दुख-दर्द बांटने के लिए उनके रिश्तेदारों आदि का आना-जाना लगा है। झुलसी महिला की हालत गंभीर बनी हुई है। किसानों के जख्मों पर मरहम लगाने के लिए जिला प्रशासन ने भी गृह अनुदान से मुआवजा देने की कार्यवाही शुरू कर दी है।
ताखा तहसील क्षेत्र के गांव मानिकपुर में बुधवार की दोपहर घूरे से उठी चिंगारी से घरों में आग लग गई थी। गांव के 12 घर के साथ ही घर गृहस्थी का सामान पूरी तरह से खाक हो गया था।
आग से तबाह हुए दर्जन भर लोगों को राहत पहुंचाने के लिए जिला प्रशासन ने गृह अनुदान योजना के तहत 95-95 हजार रुपये की आपदा राशि दिलाने की कार्यवाही शुरू कर दी गई है।
अग्निकांड में सबसे ज्यादा नुकसान अवधेश सिंह को हुआ है। उनकी पत्नी व बेटी भी झुलसकर घायल हो गई थी। अग्निकांड में घायल सुमन देवी और नीरज में सुमन की हालत गंभीर बनी हुई है। उसे जिला अस्पताल से सैफई रिम्म के लिए रेफर कर दिया गया, यहां उसका इलाज जारी है।
मुआवजा राशि के संबंध में लेखपाल शिवअवतार ने बताया कि गृह अनुदान से मुआवजा दिलाने की कार्यवाही की जा रही है। 12 लोगों के अतिरिक्त अवधेश को अलग से ज्यादा मदद मिलेगी। कुल 13 लोगों को मुआवजा दिलाया जाएगा।