इटावा। होमगार्ड भर्ती परीक्षा में शामिल होने वाले युवाओं के लिए सफर किसी अग्निपरीक्षा से कम साबित नहीं हो रहा है। प्रशासन की लचर व्यवस्था के कारण अभ्यर्थियों को परेशानियां झेलनी पड़ रही है। रविवार को परीक्षा समाप्त होने के बाद रोडवेज बस स्टैंड पर हालात इस कदर बेकाबू हो गए कि जान जोखिम में डालकर युवा बसों की छतों और खिड़कियों के सहारे सीट पाने की जद्दोजहद करते हुए दिखाई दिए।
रविवार को होमगार्ड परीक्षा के दूसरे दिन शहर में 11 केंद्रों पर लगभग आठ हजार अभ्यर्थियों ने पंजीकरण करवाया था। परीक्षा केंद्रों के निर्धारण ने अभ्यर्थियों की मुश्किलों को और बढ़ा दिया है। इटावा के युवाओं का केंद्र फर्रुखाबाद और कन्नौज बनाया गया है, जबकि वहां के छात्रों को परीक्षा देने इटावा भेजा गया है। इन जिलों के बीच सीधी ट्रेन सेवा का अभाव होने के कारण पूरा भार रोडवेज बसों पर आ गया। रविवार शाम पांच बजे जैसे ही दूसरी पाली की परीक्षा छूटी, बड़ी संख्या में अभ्यर्थी बस स्टैंड की ओर दौड़ पड़े, जिससे वहां अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
बस स्टैंड पर उमड़ी भीड़ के सापेक्ष बसों की संख्या नगण्य नजर आई। काफी इंतजार के बाद शाम 5:39 बजे जब फर्रुखाबाद डिपो की up76k3581 नंबर की एक बस स्टैंड पर पहुंची, तो उसमें सवार होने के लिए होड़ मच गई। स्थिति इतनी नाजुक थी कि देखते ही देखते महज दो मिनट में बस खचाखच भर गई। पुरुष अभ्यर्थियों के साथ-साथ महिला अभ्यर्थियों को भी बस के भीतर जगह पाने के लिए खिड़कियों का सहारा लेना पड़ा।