कार सवार बदमाशों ने बाइक से जा रहे युवक को रोका और कार में डालकर ले जाने लगे। इस बीच युवक ने दिलेरी दिखाई और बदमाशों से भिड़ गया। मुकुटपुर गांव के पास चलती कार से छलांग लगा दी। बदमाशों ने युवक पर तमंचे से फायर किया, लेकिन वह बाल-बाल बच गया।
इसके बाद बदमाश चले गए और युवक वहां से किसी तरह अहेरीपुर पुलिस चौकी पहुंचा, वहां पुलिस कर्मियों के न मिलने पर कुछ परिचितों के साथ रात करीब एक बजे थाने पर पहुंचा। पुलिस को सारी घटना बताई। थानाध्यक्ष ने उसे तुरंत उपचार के लिए महेवा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा।
थाना पुलिस ने इसका कोई मामला दर्ज नहीं किया। यह घटना पांच दिसंबर को हुई है। गुरुवार को युवक के परिवार वालों ने बकेवर थाने पहुंचकर घटना की सिलसिलेवार जानकारी दी। हुआ यह कि गांव भरईपुर निवासी अवधेश कुमार दीक्षित (35) पांच दिसंबर की रात गांव के कुछ लोगों के साथ पड़ोस के गांव नगला मानिक में कीर्तन में गया था।
रात तकरीबन 11 बजे वापस आया तो पता चला कि अवधेश के मकान की चाभी नगला मानिक में ही रह गई। चाभी लेने के लिए अवधेश तुरंत बाइक से नगला मानिक गया। नगला मानिक गांव जाते समय करीब 200 सौ मीटर पहले रास्ते में एक यूटीलिटी कार खड़ी थी, उसमें सवार सात-आठ बदमाशों ने उसे रोक लिया।
मारते पीटते हुए कार में खींचकर डाल लिया। अवधेश के शोर मचाने पर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक कार सवार उसे लेकर अहेरीपुर की ओर चल दिए। इस बीच अवधेश ने दिलेरी दिखाई और बदमाशों से भिड़ गया। चलती कार में काफी देर तक गुत्थमगुत्था करने के बाद वह चलती कार से कूद कर भागा।
बदमाशों ने उस पर तमंचे से फायर किया, परंतु गोली अवधेश को नहीं लगी। चलती कार से कूदने से वह गंभीर रूप से घायल हो गया। किसी तरह वह थोड़ी दूर पर स्थित अहेरीपुर पुलिस चौकी पर पहुंचा, लेकिन वहां कोई नहीं मिला। बाद में उसने चौकी के सामने रहने वाले अपने परिचित एक पूर्व प्रधानाचार्य को घटना के बारे में बताया।
वहीं, अवधेश के चिल्लाने की आवाज सुनकर गांव नगला मानिक के लोग दौड़े तो उन्हें गांव के बाहर रास्ते पर अवधेश की बाइक पड़ी मिली। बाइक को पहचान कर ग्रामीणों ने 100 नंबर डायल कर पुलिस कंट्रोल रूम को इसकी सूचना दी। 100 नंबर की सूचना पर बकेवर थाने की पुलिस की गाड़ी वहां पहुंची परंतु अवधेश का कोई पता नहीं चला था।
उधर, अहेरीपुर पुलिस चौकी पर पुलिस कर्मियों के न मिलने पर अवधेश अपने मिलने वालों के साथ रात में करीब एक बजे थाना पर पहुंचे। पुलिस को सारी घटना बताई। थानाध्यक्ष ने उसे तुरंत उपचार के लिए महेवा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा। थाना पुलिस ने इसका कोई मामला दर्ज नहीं किया।
गुरुवार को अवधेश व उसके परिवारीजनों ने बकेवर थाने पर आकर थानाध्यक्ष से मुलाकात कर इस घटना के संबंध में प्रार्थनापत्र दिया। थानाध्यक्ष बिजेंद्र सिंह ने बताया की प्रार्थनापत्र मिला है, मामला दर्ज कराया जा रहा है।