इटावा। महिला अस्पताल के लेबर रूम के बाहर रविवार को भ्रूण को कुत्ते नोेंच रहे थे, लोगों ने कर्मचारियों से शिकायत की। मामला सीएमएस तक पहुंचा तो उन्होंने कर्मचारियों के जरिये भ्रूण को मेडिकल वेस्ट के हवाले कर दिया।
लोगों ने बताया कि भ्रूण करीब पांच महीना का होगा। सीएमएस डॉ.अशोक कुमार ने कहा कि महिला अस्पताल में प्रतिदिन प्रसव के लिए महिलाएं आती हैं। सामान्य प्रसव भी होते हैं। कई बार केस खराब हो जाते हैं। ऐसे ही खराब केस के भ्रूण को फेंक दिया जाता है। जो कचरे में मिल वह भ्रूण नहीं मेडिकल वेस्ट था।
सीएमओ डॉ. रवींद्र यादव ने बताया कि जानकारी मिली है। महिला अस्पताल के सीएमएस से बात की थी। अगर कोई शिकायत करता है तो जांच कराएंगे।