निवाड़ीखुर्द के उपस्वास्थ्य केंद्र के बाहर उगी घास और पड़ी गंदगी। संवाद
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निवाड़ीकला। ग्रामीण क्षेत्रों की गर्भवतियों और नवजातों को गांव के पास ही टीकाकरण की सुविधा देने के उद्देश्य से महेवा ब्लाक में खोले गए 35 उप स्वास्थ्य केंद्र बदहाल हैं। टडवा स्माइलपुर, निवाड़ीखुर्द और इंद्रावखी उप स्वास्थ्य केंद्रों पर ताले लटके हैं। इस कारण गर्भवतियों और नवजातों को सीएचसी और जिला अस्पताल की दौड़ लगानी पड़ती है।
निवाड़ीखुर्द उप स्वास्थ्य केंद्र महीनों से बंद है। मुख्य दरवाजे पर लगे तालों में भी जंग लग गई है। इमारत जर्जर हालत में है। परिसर में घास उगी हुई है। स्थानीय लोगों की मानें तो यह कभी नहीं खोला जाता। कभी-कभार टीकाकरण आंगनबाड़ी या फिर प्राथमिक विद्यालय में करा लिया जाता है।
इंद्रावखी प्राथमिक विद्यालय के सामने बनाया गया उप स्वास्थ्य केंद्र दिखने में बेहतर है। रंगाई व पुताई से लेकर अन्य सुविधाएं भी देखने में बेहतर लगती है। यहां एएनएम की तैनाती न होने की वजह से ताला लटकता रहता है। बच्चों और गर्भवतियों को स्वास्थ्य सेवाएं नहीं मिल रही हैं।
टडवा स्माइलपुर उप स्वास्थ्य केंद्र किराये के भवन में शुरू किया गया था। कुछ दिन दिखाने के लिए भवन खुला। इसके बाद से भवन पर ताला लटक रहा है। भवन मालिक तेज सिंह ने बताया उन्हें तीन हजार रुपये हर माह किराया देने की बात हुई थी। एक माह का किराया मिला। पांच माह से किराया नहीं मिला है।
उप स्वास्थ्य केंद्रों पर माह के पहले बुधवार को टीकाकरण होता है। कोशिश रहती है कि ज्यादा से ज्यादा उप केंद्र खुलें। कुछ स्टाफ की कमी से भी सेवाएं प्रभावित हो रही हैं।
- डॉ. भगवानदास, सीएमओ