सैफई। यूपी आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय सैफई में अब विवि प्रशासन और रेजिडेंट डॉक्टर्स आमने-सामने हो गए हैं। रेजिडेंट डॉक्टरों ने छह दिसंबर से जरूरी ओपीडी, आईपीडी व अन्य सेवाएं ठप करने की चेतावनी दी। वहीं कुलसचिव सुरेश चंद्र शर्मा ने उत्तर प्रदेश अति आवश्यक सेवाओं का अनुरक्षण अधिनियम 1966(उत्तर प्रदेश अधिनियम संख्या 30 सन 1966) की धारा 3 की उप धारा (1) में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए छह माह तक किसी प्रकार की हड़ताल को प्रतिबंधित कर दिया है।
शनिवार को कुलसचिव को डॉक्टरों ने ज्ञापन दिया। कुलसचिव ने बताया कि रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों से बात की गई है। एसोसिएशन ने आश्वासन दिया कि वे जरूरी सभी स्वास्थ्य सेवाओं को सुचारू रूप से चलाने में सहयोग करेंगे। मरीजों को किसी प्रकार की कोई समस्या नहीं होगी।
रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन के प्रेसीडेंट डॉ. टिंकू सिंह ने बताया कि मांग की गई है कि अतिशीघ्र डॉक्टरों की कमी पूरी की जाए अन्यथा आगामी सोमवार से जरूरी सेवाएं प्रभावित होंगी। बताया कि अभी तक नीट पीजी की काउंसलिंग नहीं हो सकी है, जबकि रिजल्ट आए काफी वक्त बीत चुका है।