इटावा। कक्षा एक से आठवीं तक के जिन बच्चों ने पिछले शिक्षा सत्र में यूनिफार्म और बैग नहीं खरीदा है, उन्हें अगले सत्र में यूनिफार्म की धनराशि नहीं दी जाएगी। पुरानी यूनिफार्म का सत्यापन करने के लिए प्रधानाध्यापक यूनिफार्म और बैग के साथ छात्र-छात्रा का फोटो अपलोड करेंगे।
सरकारी और सहायता प्राप्त विद्यालयों के कक्षा एक से 8 तक के छात्र-छात्राओं को वित्तीय वर्ष 2021-2022 में ड्रेस, स्वेटर, बैग और जूता मोजा खरीदने के लिए रुपये दिए गए थे। प्रत्येक छात्र-छात्रा के एवज में अभिभावकों के खाते में 1100 रुपये डीबीटी के माध्यम से भेज गए थे। जिले में लगभग करीब एक लाख 28 हजार छात्र-छात्राओं को धनराशि भेजी गई।
कोरोना महामारी के कारण लंबे समय तक स्कूल बंद रहे। इससे विभाग के पास यह जानकारी नहीं है कि अभिभावकों ने यूनिफार्म, जूते आदि खरीदे हैं या नहीं। जिन अभिभावकों ने यूनिफार्म आदि नहीं खरीदे उन्हें इस वर्ष धनराशि नहीं दी जाएगी। प्रधानाध्यापक पुराने यूनिफार्म और बैग के साथ विद्यार्थी का फोटो मोबाइल एप के माध्यम अपलोड करेंगे।
बीएसए उमानाथ ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को इस सत्र में पंजीकरण कराने वाले बच्चों का विवरण प्रेरणा पोर्टल पर पंजीकृत करने के निर्देश दिए हैं। पहले से पंजीकृत छात्र छात्राओं को नये सत्र में नवीनीकृत किया जाएगा। प्रधानाध्यापक सभी छात्र छात्राओं के आधार नंबर, उनके माता-पिता , अभिभावक के आधार कार्ड नंबर और उनके सहमति पत्र भी लेंगे। जिला समन्वयक सामुदायिक सहभागिता मनोज धाकरे ने बताया कि छात्र-छात्रा की पुरानी यूनिफार्म पहने और बैग लिए फोटो अपलोड की जाएगी। शासन के आदेशानुसार आगामी सत्र की धनराशि दी जाएगी।