इटावा। एच3एन2 इन्फ्लूएंजा को लेकर स्वास्थ्य विभाग सतर्कता बरत रहा है। ऐसे मरीज जिन्हें 10-12 दिनों से खांसी आ रही है, उन्हें लेकर विशेष सावधानी बरती जा रही है। सबसे बड़ी समस्या यह है कि यह संक्रमण सीटी स्कैन कराने पर भी नजर नहीं आ रहा है। ऐसे में चिकित्सक लक्षण के आधार पर इलाज कर रहे हैं। मरीजों को सलाह दी जा रही है कि यदि उन्हें कई दिनों से खासी आ रही है तो वह इलाज कराने में लापरवाही न बरतें।
शनिवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में 740 मरीज आए। ज्यादातर खांसी, जुकाम, बुखार के मरीज रहे। इनकी संख्या करीब 300 रही। चिकित्सक इन मरीजों में एच3एन2 इन्फ्लूएंजा संक्रमण की पुष्टि के लिए सीने का एक्सरे करा रहे हैं। एक्सरे में कुछ स्पष्ट न होने पर सीटी स्कैन कराया जा रहा है। लेकिन इसमें यह संक्रमण नजर नहीं आ रहा है। डॉक्टर मास्क लगाने और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर न जाने की सलाह दे रहे हैं।
जिला अस्पताल के चिकित्सक डॉ. शांतनु निगम ने बताया कि जिन मरीजों को 10-12 दिन से खांसी आ रही है उनका सीटी स्कैन कराने पर रिपोर्ट में कुछ सामने नहीं आया। टीबी की आशंका पर बलगम की जांच कराने पर भी इसकी रिपोर्ट भी निगेटिव आ रही है।
बोले मरीज
सुरेश चंद्र।
जसवंतनगर से आए सुरेश चंद्र ने बताया कि करीब एक माह से खांसी आ रही है और छाती में दर्द हो रहा है। जसवंतनगर सीएचसी पर भी दिखाया, लेकिन आराम नहीं मिला। अब जिला अस्पताल आए हैं।
अंकुर
गांव सीपुरी से आए अंकुर ने बताया कि उसे भी कई दिनों से खांसी के साथ बुखार आ रहा है। पलटी भी हो रही है, काफी दवा ली, लेकिन कोई आराम नहीं मिलने पर जिला अस्पताल आए हैं। डॉक्टर ने दवा लिखी है।
निहारिका
गांव कटेखेड़ा से आईं निहारिका ने बताया कि आठ दिन से बुखार और खांसी आ रही है। डॉक्टर को दिखाने पर जांचें लिखीं हैं।
अखिलेश
पक्का बाग से आए अखिलेश ने बताया कि उसे 15 दिन से सूखी खांसी और बुखार आ रहा है। इस वजह से गले में खराश भी बनी हुई है। दवा लेने के बावजूद आराम नहीं मिला।
डरने की जरूरत नहीं
डॉ. अजय शर्मा।
जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉ. अजय शर्मा का कहना है कि एच3एन2 नार्मल वायरस है, इससे ज्यादा डरने की जरूरत नहीं है। मौसम में बदलाव के कारण बुखार, जुकाम और खांसी के मरीज बढ़े हैं। बुखार में तीन से पांच दिन में मरीज ठीक हो जाता है। बुखार 10 दिन, खांसी दो सप्ताह तक बनी रह सकती है। अगर इससे ज्यादा समय तक खांसी है तो चिकित्सक से परामर्श जरूर लें।
बचाव के लिए यह करें
डॉ. अजय शर्मा ने बताया कि वायरल होने पर मास्क लगाए रखें। भीड़ वाली जगह पर जाने से बचें। परेशानी होने पर तत्काल चिकित्सक को दिखाएं। ऐसी स्थिति में सांस के मरीजों को विशेष ध्यान रखने की जरूरत है।
जन औषधि केंद्र पर भी बढ़े मरीज
जिला अस्पताल परिसर में स्थित जन औषधि केंद्र के संचालक आयुष तिवारी ने बताया कि मार्च में खांसी, बुखार के मरीज बढ़े हैं। फरवरी में 50 से 60 मरीज आते थे। मार्च में संख्या बढ़कर दोगुनी हो गई है।
वर्जन
जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ.एमएम आर्या ने बताया कि अभी उन्हें एच3एन2 इन्फ्लूएंजा को लेकर शासन स्तर पर कोई दिशानिर्देश नहीं मिले हैं। जो भी निर्देश मिलेगा, उसके अनुसार कार्य किया जाएगा।