शहर में गुरुवार की दोपहर ‘शोले’ फिल्म जैसा सीन नजर आया। एक गौसेवक दूरदर्शन के 120 फीट ऊंचे टावर पर चढ़ गया। यहां नाराजगी डीएम की कार्यशैली को लेकर थी।
साथी गौसेवक सड़क जाम करके डीएम के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। करीब डेढ़ घंटे तक चले हाईवोल्टेज ड्रामा के बाद डीएम गौसेवकों के प्रतिनिधि मंडल से वार्ता करने को राजी हुए। इसके बाद ही ‘शोले का वीरू’ बना गौसेवक टावर से उतरा और सड़क पर लगा जाम खुल सका।
गुरुवार की सुबह गौरक्षा दल के प्रदेश अध्यक्ष मयंक बिधौलिया अपने साथी अनुराग पाठक और समीर बिधौलिया के साथ डीएम से मिलने कलक्ट्रेट पहुंचे। इनकी मांग थी कि जिले में गौवध पर प्रतिबंध लगे।
गौसेवकों ने डीएम से मांग की कि भारत सरकार की संस्था सोसाइटी फॉर द प्रेवेंशन फॉर क्रूअल्टी टू एनीमल (एसपीसीए) की ओर से हर जिले में एक अस्पताल संचालित किया जाता है। जिले में इसको लेकर बजट दिया जा रहा है जबकि अस्पताल का संचालन जिले में नहीं हो रहा है।
ऐसी स्थिति में गौरक्षा दलों के लोगों को इसका सदस्य बनाया जाए ताकि अस्पताल जमीनी स्तर पर चल सके। आरोप है कि डीएम नितिन बंसल ने उसकी मांग नहीं सुनी, उल्टा उनके साथ अभद्रता व्यवहार किया।
डीएम के पीआरओ ने धक्का मुक्की करते हुए उन्हें चेंबर से बाहर निकाल दिया। डीएम पर अभद्रता करने का आरोप लगाते हुए गौरक्ष दल के सदस्य एसएसपी चौराहा पर जमा हो गए।
दोपहर करीब एक बजे गौरक्षा दल के अध्यक्ष मयंक बिधौलिया एसएसपी चौराहा के पास स्थित दूरदर्शन के दफ्तर में घुसकर मोबाइल टावर पर चढ़ गया। वह 120 फीट ऊंचे मोबाइल टावर पर करीब 70 फीट की ऊंचाई पर चढ़ गया।
वहीं साथी गौरक्षकों ने दूरदर्शन दफ्तर के सामने ही एसएसपी चौराहा से बलराम सिंह चौराहा की ओर जाने वाली रोड पर जाम लगा दिया। युवक को टावर पर चढ़ा देखकर मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई। सूचना पर सिविल लाइन थाना पुलिस, क्यूआरटी टीम के अलावा एसडीएम महेंद्र कुमार सिंह मौके पर पहुंचे।
एसडीएम ने मयंक से नीचे उतरने और साथी गौरक्षकों से जाम खोलने को कहा, लेकिन वह नहीं माने। इस बीच गौसेवकों ने डीएम के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। गौरक्षकों और मयंक बिधौलिया की मांग थी कि डीएम मौके पर आकर अपशब्द वापस लें। हाईवोल्टेज ड्रामा करीब ढाई बजे तक चला।
बाद में डीएम भी झुके और गौरक्षकों के प्रतिनिधि मंडल से वार्ता करने को राजी हुए। इसकी जानकारी मौके पर मौजूद एसडीएम महेंद्र कुमार सिंह ने गौसेवकों को दी। इस पर करीब डेढ़ घंटे बाद दोपहर ढाई बजे मयंक बिधौलिया टावर से नीचे उतरा और जाम सड़क पर लगा जाम खुला।
इसके बाद गौसेवकों ने डीएम से वार्ता करने अपनी मांगों को रखा। विरोध प्रदर्शन की खबर मिलने पर विहिप नेता श्रीकृष्ण वर्मा, भाजपा नेता गगन चतुर्वेदी सहित विभिन्न हिंदू संगठन के लोग मौके पर पहुंच गए।