दुबई में प्रतियोगिता के दौरान भाला फेंकता अजीत सिंह यादव।
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भरथना। नगला विधी साम्हों निवासी अजीत ने शुक्रवार को दुबई में ‘फजा पैरा एथलेटिक्स ग्रैंड प्रिक्स’ प्रतियोगिता की भाला फेंक प्रतिस्पर्धा में गोल्ड मेडल हासिल किया है। किसान सुभाष चंद्र यादव के करीब 28 वर्षीय पुत्र अजीत सिंह यादव भारतीय पैरा एथलीट खिलाड़ी हैं।
एथलेक्टिस अजीत सिंह यादव के चाचा नीरज यादव ने बताया कि इससे पूर्व भी अजीत बीजिंग व चीन में हुई विश्व पैरा एथलेटिक्स ग्रैंड प्रिक्स में भारत को स्वर्ण पदक दिला चुके हैं। वर्ष 2019 में विश्व पैरा एथलेक्टिस चैंपियनशिप दुबई में भारत का प्रतिनिधित्व कर विजेता बनकर वह 10 लाख रुपये नकद व कांस्य पदक जीत चुके हैं। उन्होंने बताया कि अजीत को आगामी पैरा ओलंपिक 2021 में भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए चयनित किया गया है।
एलएनआईपीई ग्वालियर (मप्र) से शारीरिक शिक्षा एवं खेल में पीएचडी कर रहे अजीत सिंह को टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम के तहत सरकार के खेल प्राधिकरण में भी शामिल किया गया था और वर्तमान में ओलंपिक गोल्ड क्वेस्ट द्वारा भी समर्थन किया जा रहा है। परिवार के सबसे छोटे पुत्र की सफलता पर परिवारीजनों की खुशी का ठिकाना नहीं है। बुजुर्ग दादा सालिगराम यादव, माता, भाई अंशू, अमरदीप, राजवीर सिंह, राजेंद्र सिंह यादव, जगदीश नरायन यादव समेत अन्य परिजनों व शुभचिंतकों ने प्रसन्नता व्यक्त की है।
दोस्त को बचाने में गंवा दिया था बायां हाथ
विगत 2017 में रेल यात्रा करने के दौरान एक घटना में अपने दोस्त की जान बचाने के प्रयास में अजीत ने अपना बायां हाथ गंवाकर दोस्त को जीवनदान दिया था। घटना में अजीत का बायां हाथ कट चुका है। चोट के बाद भी नेशनल खेलों में प्रतिभाग कर अजीत ने नाम रोशन किया। दुर्घटना के करीब चार माह बाद अजीत ने पंचकुला में आयोजित ‘पैरा एथलेटिक सीनियर नेशनल 2018’ में प्रतिभाग किया था। लगातार संघर्ष के परिणामस्वरूप अजीत ने राष्ट्र के सर्वोच्च शिखर को स्पर्श करके क्षेत्र व जनपद का नाम रोशन किया है।