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आजादी के सिपाही छैल बिहारी नहीं रहे

Tue, 16 Jun 2015 10:49 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, इटावा
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आजादी की लड़ाई में बढ़ चढ़कर भाग लेने वाले स्वतंत्रता संग्राम सेनानी छैल बिहारी वर्मा का मंगलवार को निधन हो गया। वह 92 वर्ष के थे। उन्होंने दोपहर के समय अपने आवास अकालगंज में अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर फैलते ही उनके आवास पर शोक  संवेदना व्यक्त करने वालों का तांता लगना शुरू हो गया।
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प्रशासन के अधिकारियाें ने भी उनके निवास पर पहुंचकर शोक संवेदनाएं व्यक्त कीं। उनका अंतिम संस्कार बुधवार क ो यमुनाघाट पर राष्ट्रीय सम्मान के साथ किया जाएगा। छैल बिहारी वर्मा छात्र जीवन से ही आजादी के आंदोलन से जुड़ गए थे। 1942 के  भारत छोड़ो आंदोलन में भी उन्होंने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया था।

पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल में डाल दिया गया था। ब्रिटिश सरकार ने उन्हें तीन माह 14 दिन की सजा सुनाई। आजादी के बाद उन्होंने 32 साल तक पोस्ट ऑफिस में नौकरी की। 92 वर्षीय श्री वर्मा पिछले एक माह से अस्वस्थ चल रहे थे।
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दोपहर को उनके निधन की खबर मिलते ही सिटी मजिस्ट्रेट ईश्वरचंद, एसडीएम सदर महेंद्र सिंह, तहसीलदार सदर ओपी पांडेय उनके निवास पर पहुंचे और शव को राष्ट्रीय ध्वज में लपेटा। पुष्पहार पहनाकर दो मिनट का मौन धारण कर शोक संवेदना प्रकट की।

वह अपने पीछे भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। परिवार से मिली जानकारी के अनुसार अंतिम संस्कार 17 जून को सुबह यमुना घाट पर किया जाएगा। श्री वर्मा के निधन पर चेयरमैन कुलदीप गुप्ता संटू, कांग्रेस जिला अध्यक्ष उदयभान सिंह यादव आदि ने भी शोक व्यक्त किया है।
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