दूध व्यापारी की मौत पर परिजन व ग्रामीणों ने लगाया था जाम
हत्यारोपियों की मांग को लेकर शव रखकर जताया था विरोध
संवाद न्यूज एजेंसी
इटावा। मानिकपुर के जंगल में दूध व्यापारी का शव फंदे पर शव मिलने के मामले में परिजन व ग्रामीणों ने इटावा-मैनपुरी मार्ग पर जाम लगा दिया था। सिविल लाइंस पुलिस ने शव रखकर तीन घंटे जाम लगाने में 35 लोगों पर प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
प्रभारी निरीक्षक कृष्ण कुमार मिश्र ने बताया कि बुधवार सुबह वह कोर्ट जा रहे थे। सूचना मिली कि किसी घटना से नाराज कुछ लोग दो ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में शव रखकर मैनपुरी फाटक अंडरपास के पास पहुंच गए और रास्ता पूरी तरह ब्लॉक कर दिया है। पुलिस ने जब लोगों को समझाने और जाम खोलने का प्रयास किया तो प्रदर्शनकारियों ने पुलिस से गाली-गलौज व धक्का-मुक्की की।
भीड़ में मौजूद 5-6 अज्ञात लोग उकसा रहे थे जिससे करीब तीन घंटे तक मुख्य मार्ग पूरी तरह बाधित रहा। इससे राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ा। पुलिस के अनुसार प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांग या लिखित शिकायत थाने में नहीं दी थी। वह केवल पुलिस पर दबाव बनाने और सरकारी कार्य में बाधा डालने के उद्देश्य से उपद्रव कर रहे थे।
थाना प्रभारी केके मिश्रा ने बताया कि घटना के समय के फोटो और वीडियो साक्ष्य के रूप में सुरक्षित रख लिए हैं जिनकी मदद से उपद्रवियों की पहचान की जा रही है। पुलिस ने बीएनएस की धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की है।