सिंचाई के लिए बिजली तथा नहरों पर निर्भरता खत्म करने के लिए शासन ने किसानों को सब्सिडी पर सोलर पंप मुहैया कराने की योजना तैयार की है।
75 फीसदी तक सब्सिडी दिए जाने के बावजूद किसानों को यह योजना लुभा नहीं रही है। जिले में 177 किसानों को सोलर पंप देने का लक्ष्य है लेकिन अभी तक महज सात किसानों ने ही अपने अंशदान के रूप में ड्राफ्ट जमा कराएं हैं।
उल्लेखनीय है कि किसानों की सबसे बड़ी बाधा सिंचाई क ी है। कभी नहर में पानी नहीं छोड़ा जाता तो कभी बिजली न आने से किसान सिंचाई नहीं कर पाते। परंपरागत फसल लेने से किसान निरंतर घाटे में जा रहे हैं।
बिजली और नहरों पर यही निर्भरता खत्म करने के लिए सरकार ने किसानों को सब्सिडी पर 2 से लेकर 5 हार्सपावर तक के सोलर पंप सब्सिडी पर देने का निर्णय लिया है। योजना में 177 किसानों को सोलर पंप देने का लक्ष्य है।
योजना में आवेदन तो सौ से ज्यादा किसानों ने कर दिया लेकिन छह माह का समय गुजर जाने के बावजूद केवल सात किसानों ने ही इसके लिए ड्राफ्ट जमा कराए हैं। किसानों की इस उदासीनता पर अब कृषि विभाग ने उन्हें प्रेरित करने के लिए सोलर पंप का डेमो कराने का निर्णय लिया है।
विभागीय अधिकारियों का दावा है यह योजना किसानों के लिए वरदान साबित हो सकती है क्योंकि सोलर पंप लगवाने के लिए किसान को केवल एकबार सब्सिडी देनी होगी। इसके बाद उसे कई सालों तक मुफ्त में सिंचाई करने की सुविधा मिलेगी। खास बात यह है कि पांच साल तक किसानों को मेंटीनेंस पर भी एक भी रुपया खर्च नहीं करना होगा।
यदि कोई खराबी आती है तो किसान सीधे मोबाइल नंबर पर कंपनी से संपर्क कर सकते हैं। दो दिन के अंदर कंपनी का प्रतिनिधि मरम्मत करने के लिए आ जाएगा। योजना के तहत बोरिंग किसानों को करानी होगी और सोलर पंप की फिटिंग डेढ़ माह के भीतर कंपनी कराएगी।
सरकार ने 2 और 5 हार्सपावर के सोलर पंप लगाने का अनुबंध प्रीमियम सोलर सिस्टम तथा 3 हार्स पावर के पंप लगाने का अनुबंध जैन इर्रीगेशन जलगांव के साथ किया है। कृषि उपनिदेशक एस के सिंह ने कहा कि सोलर पंप योजना किसानों के लिए वरदान
साबित हो सकती है।
इसमें एक बार अंशदान जमा करने के बाद पांच साल तक कंपनी
वारंटी देगी। किसानों के लिए इसके डेमो की तैयारी है ताकि वह इसका फायदा
समझ सकेंगे।
किसानाें के लिए जानकारी
2 एचपी का मोनोब्लाक पंप 25 फीट नीचे तक से पानी खींच सकता है। यह पंप 2.50 इंच तक पानी निकालेगा। यह पंप भरथना, ताखा क्षेत्र के छोटे किसानों के लिए उपयोगी साबित हो सकता है।
3 एचपी का सबमर्सिबल पंप 200 फीट नीचे तक से पानी खींचने की क्षमता रखता है। ये 2.50 इंच पानी निकालेेगा। यह पंप सैफई, महेवा, बसरेहर क्षेत्र के किसानों के लिए उपयोगी साबित हो सकता है।
5 एचपी का सबमर्सिबल यह 200 फीट तक नीचे से पानी खींच सके गा। यह 3.00 इंच तक पानी निकालने में सक्षम है। यह बढ़पुरा, चकरनगर, महेवा के लिए उपयोगी माना जा रहा है।
एचपी सब्सिडी किसान का अंशदान
2 एचपी 75 फीसदी 60 हजार रुपये
3 एचपी 75 फीसदी 1.17 लाख
5 एचपी 50 फीसदी 2.65 लाख