इटावा। सैफई ब्लाक के शिवपुरी टिमरूआ गांव के मजरे केशोपुर वेनी में शनिवार को हुई बारिश का पानी सड़क पर भरने से परेशान ग्रामीणों का सब्र शनिवार को जवाब दे गया।
ग्रामीणों ने सुबह कर्री-छितमरा मार्ग पर लकड़ी और पेड़ डालकर जाम लगा दिया। प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। ग्रामीणों का आरोप है कि शिकायत के बाद भी ग्राम प्रधान ने समस्या का समाधान नहीं कराया, उल्टा भगा दिया।
मौके पर पहुंचे पुलिस और प्रशासनिक अफसरों के समझाने पर आक्रोशित ग्रामीणों ने जाम खोला, लेकिन कुछ देर बाद फिर से सड़क जाम कर दी। अफसरों ने किसी तरह जलनिकासी की व्यवस्था सुनिश्चित कराने का भरोसा देकर लोगों को शांत कराया। इस दौरान करीब चार घंटे तक सड़क के दोनों तरफ वाहनों की कतार लगी रही।
ग्राम पंचायत शिवपुरी टिमरूआ के मजरा केशोपुर वेनी में जरा सी बारिश में सड़कें पानी से लबालब हो जाती हैं। आठ दिन पहले हुई बारिश के दौरान यहां सड़क पर पानी भर गया था। इसमें डूबकर रिंकू कुमार की बेटी सुनैना (2) की मौत हो गई थी।
इससे ग्रामीणों में गुस्सा है। शनिवार को सुबह हुई बारिश के दौरान फिर गांव में जलभराव हो गया। यह देख गांव के लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। गांव की महिलाएं, पुरुष व बच्चे सभी लोग घरों से निकल कर सड़क पर आ गए और कर्री-छितमरा मार्ग पर जाम लगा नारेबाजी शुरू कर दी।
इसकी सूचना पाकर सैफई हवाई पट्टी चौकी प्रभारी धर्मेंद्र कुमार, नायब तहसीलदार सूरज सिंह मौके पर पहुंचे और गांव में जल निकासी की व्यवस्था कराने का भरोसा देकर लोगों को शांत कराया।
इसके बाद भी सफाई का काम शुरू नहीं हुआ, तो ग्रामीण फिर सड़क पर आ गए और जाम लगा दिया। जब जल निकासी के लिए जेसीबी से नाले की सफाई का काम शुरू हुआ, तब लोगों का गुस्सा शांत हुआ। इस दौरान करीब चार घंटे तक हंगामा चलता रहा। जाम खुलने के बाद पुलिस ने वाहनों को एक-एक करके निकला।
जेसीबी के आगे बैठी महिला
गांव पूनम देवी ने आरोप लगाया कई बार डीएम व स्थानीय अफसरों को अर्जी देकर जलभराव की समस्या से रुबरु कराया, लेकिन अभी तक सुनवाई नहीं हुई। गांव का गंदा व बदबूदार पानी खेत में जाने से खड़ी फसल बर्बाद हो रही है। इसलिए वह जेसीबी के आगे अपने बच्चों के साथ बैठ गई।
जाम के दौरान सड़क पर लगी वाहनों की लाइन- फोटो : ETAWAH