इटावा। अखिल भारतीय वैश्य एकता परिषद ने कहा है कि समाज के जिन उप वर्गों ने पिछड़े वर्ग में शामिल होने के लिए आवेदन किया है। उन्हें पिछड़ा वर्ग में शामिल किया जाए। इसके साथ ही जो उप वर्ग पहले से पिछड़े वर्ग में शामिल हैं उनके प्रमाण पत्र बनाए जाएं।
परिषद के अध्यक्ष डा.सुमंत गुप्ता ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि वैश्य समाज के 8 वर्ग को पिछड़ा वर्ग में शामिल करने की फाइलें तैयार हैं लेकिन इस पर शासनादेश जारी नहीं हुआ है।
इसके साथ ही 5 उप वर्गों का सर्वे कराया जाना है 3 उप वर्गों को पहले से ही पिछड़ा वर्ग में शामिल किया जा चुका है लेकिन इनके प्रमाण पत्र नहीं बनाए जा रहे हैं।
इसलिए इन लोगों की पिछड़ा वर्ग के प्रमाण पत्र बनाए जाएं। उन्होंने कहा कि वैश्य समाज के जो लोग पिछड़ा वर्ग में शामिल होने के पात्र हैं उन्हें इस वर्ग में शामिल किया जाना चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश में 106 विधानसभा सीटें ऐसी हैं जो वैश्य बाहुल्य हैं परिषद की मांग है कि इन सीटों पर राजनैतिक दल वैश्य समाज के प्रत्याशी को उतारे। उन्होंने यह भी कहा कि इस मामले को लेकर परिषद की ओर से लगातार प्रयास किया जा रहा है।
12 सितंबर को कानपुर में एक सम्मेलन भी होगा। जिसमें सरकार के कई मंत्री व विधायक भी शामिल होंगे। इसमें समाज की समस्याओं पर चर्चा होगी।
सुमंत गुप्ता ने कहा कि व्यापारी जीएसटी देते हैं और जीएसटी में बीमा की व्यवस्था है लेकिन अभी तक किसी भी व्यापारी को मृत्यु या बीमारी पर इस बीमा का लाभ नहीं मिला है।
उनकी मांग है कि व्यापारियों को इस बीमा का लाभ दिया जाए। यह भी कहा कि जो व्यापारी जीएसटी नहीं देते हैं लेकिन यदि उनके कामर्शियल कनेक्शन है तो उन्हें भी इस योजना से जोड़ा जाए और बीमा योजना से लाभान्वित कराया जाए।
इन सब मुद्दों को लेकर अखिल भारतीय वैश्य एकता परिषद चेतना यात्रा निकालेगी। इसी यात्रा के संबंध में 12 सितंबर को बैठक होगी। बातचीत के दौरान राम शरण गुप्ता, पंकज गुप्ता, विवेक रंजन गुप्ता व राजेश गुप्ता मौजूद रहे।