इटावा। डीएम श्रुति सिंह ने कलक्ट्रेट सभागार में जिला शिक्षा एवं अनुश्रवण समिति की बैठक में आपरेशन कायाकल्प योजना की समीक्षा की। 19 पैरामीटर की समीक्षा में पाया कि शुद्ध एवं सुरक्षित पेयजल योजना, बालिका शौचालय, शौचालय/मूत्रालय में नल से जल आपूर्ति में 1484 विद्यालयोें में 92 फीसदी विद्यालय ही संतृप्त हैं।
शौचालय/मूत्रालय में टाइल 82 फीसदी, दिव्यांग सुलभ रैंप एवं रेलिंग का कार्य 81 प्रतिशत पूरा है। उन्होंने सभी कार्य पूरा कराने के निर्देश दिए। डीएम ने पाया कि डायट प्राचार्य, खंड शिक्षाधिकारियों ने शत प्रतिशत निरीक्षण का लक्ष्य पूरा किया है।
जिलास्तरीय टाक्स फोर्स ने 55 के सापेक्ष सिर्फ तीन निरीक्षण किये किए हैं। बताया कि नि:शुल्क यूनिफार्म, जूता-मोजा, बैग, स्वेटर वितरण की प्रति छात्र 1100 रुपये अभिभावकों के खाते में हस्तांतरित किया जाना है।
सभी विद्यालय अभिभावकों के खातों की पासबुक, आधार कार्ड की छाया प्रति संकलित कर पंजीकृत छात्र-छात्राओं का सत्यापन करा लें।
जिला समन्वयक समेकित शिक्षा अर्चना सिन्हा ने बताया कि मूक बधिर, मानसिक रूप से अस्वस्थ बच्चों के दिव्यांग सार्टिफिकेट का नवीनीकरण कराने में अभिभावकों को परेशान किया जाता है।
सर्टिफिकेट नवीनीकरण नहीं किए जाते हैं। इस पर डीएम ने बैठक में मौजूद डिप्टी सीएमओ को निर्देश दिए कि दिव्यांगों के सर्टिफिकेट प्राथमिकता से नवीनीकृत कराएं। किसी भी अभिभावक को परेशान न करें।
बैठक में डीडीओ दीनदयाल वर्मा, पीडी जयकेश त्रिपाठी, डीसीएनआरएलएम बृजमोहन अंबेड, डीसी मनरेगा शौकत अली, डीपीओ सुरेश कुमार यादव, डीपीआरओ यतेंद्र कुमार भी रहे। संचालन बीएसए उमानाथ ने किया।