इटावा। झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार की तबियत में सुधार होने पर रांची पुलिस ने सोमवार सुबह उसे इटावा सीजेएम कोर्ट में पेश किया। सीजेएम ने पक्ष सुनकर आरोपी सलाहकार की ट्रांजिट रिमांड मंजूर कर दी।
इसके बाद रांची पुलिस आरोपी सलाहकार को लेकर अपने साथ लेकर झारखंड रवाना हो गई। पुलिस को 16 सितंबर तक आरोपी को झारखंड की नियमित कोर्ट में उसे पेश करना है।
झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी के राजनीतिक सलाहकार सुनील तिवारी पर 16 अगस्त को एक आदिवासी युवती ने दुष्कर्म, छेड़छाड़ व एससी/एसटी एक्त के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
रांची पुलिस ने सुुनील तिवारी को इटावा के थाना सैफई क्षेत्र के आगरा-लखनऊ चैनल नंबर 104 पर स्थित फूड प्लाजा के कमरा नंबर 103 से रविवार को गिरफ्तार कर लिया था।
इस पर आरोपी ने तबियत खराब होने की बात कही, तो रांची पुलिस ने इटावा पुलिस की मदद से आरोपी को सैफई मेडिकल यूनिवर्सिटी में भर्ती कराया। जहां हार्ट की बीमारी होने के चलते उसे सैफई के डॉक्टरों ने लखनऊ पीजीआई रेफर कर दिया था।
रांची पुलिस रात करीब दस बजे उसे सैफई से एंबुलेंस से लखनऊ पीजीआई लेकर पहुंची। इसके बाद सोमवार सुबह पीजीआई से रांची पुलिस आरोपी को लेकर सोमवार सुबह करीब 11 बजकर 30 मिनट पर इटावा कोर्ट पहुंची।
इसके बाद आरोपी की ट्रांजिट रिमांड के लिए उसे सीजेएम कोर्ट में पेश किया। आरोपी सलाहकार की तरफ से अधिवक्ता सुभाष त्रिपाठी ने पैरवी की। सीजेएम ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनी।
इसके बाद रांची पुलिस को आरोपी सुनील तिवारी को ट्रांजिट रिमांड मंजूर कर दी। रांची पुलिस शाम चार बजकर दस मिनट पर आरोपी को लेकर झारखंड के लिए रवाना हो गई।
रांची पुलिस पर मेडिकल रिपोर्ट पेश न करने का आरोप
पूर्व सीएम के राजनीतिक सलाहकार सुनील तिवारी की पैरवी कर रहे अधिवक्ता सुभाष त्रिपाठी ने बताया कि सुनील तिवारी को रांची पुलिस ने सीजेएम कोर्ट में पेश किया। लेकिन उनकी मेडिकल रिपोर्ट पेश नहीं की।
जबकि उनका इलाज लखनऊ के केजीएमयू में चल रहा था। उनको केजीएमयू में भर्ती भी नहीं कराया गया। न ही यह बात रांची पुलिस ने सीजेएम कोर्ट में बताई। सीजेएम कोर्ट ने 16 सितंबर तक झारखंड के नियमित अदालत में पेश करने का आदेश दिया है। सुनील तिवारी की मेडिकल जांच के बाद रिपोर्ट के आधार पर ही कार्रवाई की जाए।
राजनीतिक पड़यंत्र के तहत गया फंसाया
सीजेएम कोर्ट में रांची पुलिस ने आरोपी सुनील तिवारी का खास ख्याल रखा। उसे खाने के लिए फल दिए, ताकि उसकी हालत न खराब हो सके। वह कोर्ट में करीब साढ़े चार घंटे तक रहा।
इस दौरान आरोपी सुनील ने मीडिया को बताया कि उनके घर में 2020 को एक युवती काम करती थी। इसके बाद उसने मार्च माह में काम छोड़ दिया।
राजनीतिक षड़यंत्र के तहत युवती ने उन पर दुष्कर्म व छेड़छाड़ का आरोप लगाया जा रहा है। वह पूर्व मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार है। इसलिए ये आरोप लगाकर फंसाने की साजिश की जा रही है। आरोप है कि यह पूरी साजिश झारखंड के मुख्यमंत्री ने की है।