इटावा। बढ़पुरा ब्लाक प्रमुख चुनाव के दौरान एसपी सिटी को थप्पड़ मारने की गूंज मुख्यमंत्री आवास तक पहुंच गई है। पुलिस अधिकारी को थप्पड़ पड़ने के बाद पूरा पुलिस महकमा अंदर ही अंदर एक हो गया है।
मामले में नामजद और अज्ञात आरोपियों की पहचान व धरपकड़ के लिए पुलिस ताबड़तोड़ दबिश दे रही है। पुलिस की ताबड़तोड़ कार्रवाई ने भाजपा नेताओं को हिलाकर रख दिया है।
मामले की जानकारी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को देने के लिए भाजपा की दोनों विधायक, जिलाध्यक्ष एवं जिला इकाई के पदाधिकारी लखनऊ पहुंचे हैं। मुख्यमंत्री ने सोमवार शाम छह बजे का वक्त दिया था। वहां क्या बात हुई, इस बारे में कोई अपना मुंह खोलने को तैयार नहीं है।
पुलिस ने ताबड़तोड़ कार्रवाई में करीब दो दर्जन से अधिक भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों को पकड़ा है। उनकी अभी तक न तो गिरफ़तारी दिखायी जा रही है और न ही जेल भेजा जा रहा है।
पुलिस की इस कार्रवाई से पूरा क्षेत्र खौफजदा हो गया है। कार्रवाई से परेशान स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने पुलिस पर निर्दोष जनता का उत्पीड़न करने का आरोप लगाया था।
उन्होंने इस तरह की कार्रवाइयों पर रोक लगाने के लिए पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी से भेंट की। सूत्रों के मुताबिक अधिकारी ने इस मामले में किसी तरह की रियायत बरतने से इंकार कर दिया।
वरिष्ठ अधिकारी की ओर से कोई मदद मिलते न देख भाजपा के जनप्रतिनिधियों ने लखनऊ की ओर रुख किया। भाजपा सदर विधायक सरिता भदौरिया, भरथना विधायक सावित्री कठेरिया और जिलाध्यक्ष अजय प्रताप सिंह धाकरे ने मुख्यमंत्री से समय देने का अनुरोध किया।
सोमवार शाम छह बजे सभी नेता सीएम आवास पहुंचे। वहां उन्होंने पुलिस की कार्रवाई के बारे में शिकायत की। अंदरखाने क्या बात हुई इस बारे में कोई मुंह खोलने को तैयार नहीं है।
यह है मामला
10 फरवरी को बढ़पुरा ब्लाक में ब्लाक प्रमुख के चुनाव में एसपी सिटी प्रशांत कुमार का एक वीडियो बड़ी तेजी से वायरल हुआ। जिसमें वे अपने किसी वरिष्ठ अधिकारी को अपने साथ थप्पड़ मारने की घटना को बता रहे हैं।
वीडियो में उनका कहना है कि भाजपा के लोग बम और हथियार लेकर आए हैं। विधायक और जिलाध्यक्ष भी उनके साथ हैं। पुलिस ने बवाल को लेकर भाजपा नेता विमल भदौरिया सहित 125 अज्ञात के विरुद्घ संगीन धाराओं में मामला दर्ज किया है। इसी मामले में पुलिस आरोपियों की धरपकड़ के लिए गांव-गांव दबिश दे रही है।