इटावा। किसान सम्मान निधि पाने वाले किसानों को केसीसी बनवाने का एक और मौका दिया जा रहा है। वह 28 फरवरी तक बैंक में फार्म जम कर सकते हैं। 10 से 22 फरवरी 6481 किसानों ने फार्म भरे जिसमें 4166 के फार्म केसीसी के लिए स्वीकृत हो चुके हैं।
प्रदेश सरकार ने किसान सम्मान निधि का लाभ पाने वाले प्रत्येक किसान का किसान क्रेडिट कार्ड बनवाने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत 10 फरवरी से 22 फरवरी तक जिले में अभियान शुरू किया गया था। जिले में 1.97 लाख किसान सम्मान निधि का लाभ ले रहे हैं लेकिन 22 फरवरी तक केवल 6481 किसानों ने फार्म भरकर बैंकों में जमा किए। बैंकों ने 4166 फार्मों को जमा होने के 14 दिन के अंदर स्वीकृत दे दी। अब इन किसानों को जल्द ही केसीसी जारी कर दिए जाएंगे।
जिला कृषि अधिकारी अभिनंदन सिंह ने बताया कि कर्ज माफी के समय 71 हजार केसीसी जिले में बने हैं। लीड बैंक ने इसमें केवल 56 हजार केसीसी सक्रिय होने का ताजा आंकड़ा दिया है। सम्मान निधि पाने वाले सभी 1.97 लाख किसानों के केसीसी बनाए जाने हैं। इस समय आलू खोदाई और खेती में काम होने से किसान बैंकों में नहीं पहुंच रहे हैं। किसानों को जागरूक करने के लिए कृषि विभाग के ब्लॉक स्तरीय कर्मचारियों, पंचायत सचिव, लेखपालों को जिलाधिकारी के माध्यम से निर्देशित किया गया है। ये अधिकारी लोगों केा जागरूक करें इसकी निगरानी डीपीआरओ, जिला कृषि अधिकारी और सभी एसडीएम को दी गई है।
जिला कृषि अधिकारी अभिनंदन सिंह ने कहा कि किसानों के लिए केसीसी बनवाने का आसान मौका है। उनका सारा ब्योरा बैंकों के पास है। किसान उस बैंक में संपर्क करें जिस बैंक के खाते में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का पैसा आ रहा है। बैंक में किसानों को एक फार्म भरना होगा। इस फार्म के साथ खसरा, खतौनी, आधार कार्ड की फोटो कॉपी, और तीन फोटो देनी हैं। किसान को किसी बैंक का नोड्यूज भी नहीं देना है।
बैंक खुद इसकी जानकारी जुटाएंगे। साथ ही बैंक खसरा, खतौनी, आधार का सत्यापन कराकर 14 दिन के अंदर बनाकर देंगे। अगर फार्म भरने के 14 दिन में कोई बैंक केसीसी नहीं बनाता है तो किसान जिलाधिकारी, तहसील में एसडीएम, उपायुक्त कृषि और जिला कृषि अधिकारी से शिकायत भी कर सकते हैं।
जिला कृषि अधिकारी अभिनंदन सिंह ने बताया कि 3 लाख रुपये तक के केसीसी पर शासन ने कई शुल्क माफ कर दिए हैं। अब किसानों को अभिलेखीय शुल्क, प्रक्रिया शुल्क और निरीक्षण शुल्क नहीं देना होगा। इससे किसानों का 600 रुपये से अधिक बचेंगे। कृषि अधिकारी ने कहा कि अगर किसी बैंक में ये शुल्क मांगा जाए तो किसान शिकायत करें।