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देखें खाते, मिलने लगेगा बाढ़ का मुआवजा

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इटावा। सितंबर-अक्तूबर में आई बाढ़ से बर्बाद फसलों का मुआवजा किसानों के बैंक खातों में एक-दो दिन में पहुंचने लगेगा। 20 किसानों के रुपये जारी कर दिए गए। पैसा जितना मांगा गया था, उससे अधिक आ गया है। बची धनराशि शासन को लौटा दी जाएगी।
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यमुना और चंबल नदी की बाढ़ से चकनगर और सदर तहसील के कई गांवों तक पानी भर गया था। चकरनगर तहसील क्षेत्र में ज्यादा नुकसान हुआ था। बाढ़ के तुरंत बाद तहसीलदारों ने नुकसान का आंकलन कर रिपोर्ट आपदा प्रबंधन कार्यालय को भेज दी थी। इसमें 1251 किसानों की फसल को नुकसान होना बताया गया था। तहसील के सर्वे के आधार पर आपदा प्रबंधन ने एक करोड़ 26 लाख 61 हजार रुपये की मांग शासन से की थी।
पिछले सप्ताह शासन ने 1 करोड़ 40 लाख 73 हजार रुपये जिले को बाढ़ राहत का मुआवजा बांटने के लिए भेज दिए हैं। आपदा कार्यालय किसानों के नाम, खाता नंबर और मुआवजे की धनराशि फीड कर कोषागार भेज रहा है। आपदा कार्यालय ने ब्योरा फीड करने का काम शुरू कर दिया है। एक दो दिन में 20 किसानों के खाते में मुआवजे का पैसा आने लगेगा। फीडिंग का काम एक-एक गांव लेकर किया जा रहा है ताकि किसी किसान का मुआवजा रुके नहीं। एडीएम ज्ञान प्रकाश श्रीवास्तव ने बताया कि किसानों का मुआवजा अगले सप्ताह से खाते में पहुंचने लगेगा। वह अपने खाते चेक करते रहें। अगर किसी किसान का मुआवजा नहीं पहुंचे तो 20 मार्च तक अपनी तहसील के तहसीलदार और एसडीएम से संपर्क कर ले। 31 मार्च तक ही मुआवजा भेजा जाएगा। 1 अप्रैल को बचा पैसा शासन को सरेंडर कर दिया जाएगा। एडीएम ने बताया कि जो धनराशि अधिक आ गई है, वह भी शासन को भेज दी जाएगी।
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