फोटो संख्या 11- महेवा में किसानों को जानकारी देते कृषि वैज्ञानिक हरी शंकर दीक्षित
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महेवा। एकीकृत धान्य विकास चावल योजना के अंतर्गत किसानों का प्रशिक्षण व फसल अवशेष प्रबंधन जागरूकता कार्यक्रम महेवा ब्लाक में हुआ। कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को महत्वपूर्ण जानकारी दी।
कृषि वैज्ञानिक पीएन त्रिपाठी ने कहा कि फसलों में किसानों को अधिक मात्रा में पेस्टीसाइड व कीटनाशक प्रयोग नहीं करना चाहिए। कृषि वैज्ञानिक प्रो हरीशंकर दीक्षित ने कहा कि धान फसल में यदि पीलापन आए तो प्रति हेक्टेयर 25 किलो जिंक का प्रयोग करना चाहिए।
खेती में जैविक खादों के लिए भी प्रेरित किया। सत्यपाल सिंह ने मृदा परीक्षण कराने ,उन्नतिशील बीजों का प्रयोग करने ,जैविक खादों को बढ़ावा देने का आह्वान किया।
कृषि बीज भंडार प्रभारी बृजेंद्र बाबू ने बीजों व फसल अवशेष प्रबंधन के बारे में बताया। कृषि विभाग के एडीओ राजेश चौबे, रघुपाल सिंह ,विजय प्रताप सिंह ,हरयोगेंद्र ,चंद्रशेखर ,देवदत्त ने उपायोगी जानकारी दी । गोष्ठी में प्रमुख रूप से सुखदेव चौबे आनेपुर ,अनिल कुमार ,ओमदत्त तिवारी,आशा तिवारी आदि मौजूद रहे ।