अहनैया नदी में जलस्तर बढ़ने से धान की फसल को बढ़ा खतरा
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इटावा। विकास खंड बसरेहर से होकर निकली अहनैया नदी में उफान से किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें पड़ने लगी हैं। कबूली गांव के कुछ किसानों के खेत में खड़ी धान की फसल डूबने लगी है। 12 से अधिक गांवों के किसान परेशान हैं। अगर जलस्तर और बढ़ा तो इन किसानों की धान की फसल चपेट में आ जाएगी।
कबूली गांव के किसान राजवीर सिंह, अनिल कुमार, मिलेश कुमार, मुकेश कुमार ने बताया चार दिन से लगातार हो रही बारिश से अहनैया नदी उफान पर है। किसानों के सामने फसल बचाने का संकट है।
जलस्तर और बढ़ा तो सैकड़ों बीघा धान की फसल डूबकर नष्ट हो जाएगी। बताया कि यह नदी टिसुआदेव, नगला लक्षू, फरदपुरा, मूंज, कबूली, छतरपुरा, टकीपुरा, रमपुरा सहित कई गांवों से होकर निकलती है।
इस समय इन गांवों के किसानों की धान की फसल पर संकट है। किसान अनिल कुमार ने बताया यह नदी मैनपुरी जिले से होकर भोगनीपुर में जाकर गिरती है। जिला प्रशासन से किसानों ने कहा कि नाला बंवा का पानी अगर कम नहीं किया गया तो सैकड़ों किसानों की हजारों बीघा फसल डूब जाएगी।
दो वर्ष पूर्व भी किसानों की फसल डूबी थी
सर्वोदय जागरण मंच के अध्यक्ष नीरज कुमार यादव ने बताया दो वर्ष पूर्व भी किसानों की फसल नदी में उफान आने से डूब गई थी। उन्होंने जिला प्रशासन को अवगत कराया था। हर बार जब भी जलस्तर बढ़ता है तो किसानों के सामने यह संकट पैदा हो जाता है।