इटावा। कोरोना की संभावित तीसरी लहर भले न आई हो, लेकिन वायरल बुखार के प्रकोप की वजह से जिस तरह ग्रामीण क्षेत्रों में पिछले कई दिनों से मौतें हो रही हैं, उससे लोग अपनों खासकर बच्चों को लेकर काफी चिंतित और भयभीत हैं।
गुरुवार को जसवंतनगर में दो ग्रामों में दो मासूमों की मौत हो गई। जबकि बकेवर क्षेत्र के ग्राम बिजौली में 14 वर्षीय किशोर व जसवंतनगर के ग्राम गढ़ी जालिम में 60 वर्षीय वृद्ध की बुखार की वजह से मौत हो गई।
जसवंतनगर संवाद प्रतिनिधि के अनुसार क्षेत्र के आधा दर्जन गांवों में बुखार की वजह से रोजाना किसी न किसी बीमार व्यक्ति दम तोड़ रहे हैं। जबकि स्वास्थ्य विभाग सिर्फ कैंप लगा रहा है, लेकिन कोई ठोस इंतजाम नहीं किए जा रहे हैं।
गुरुवार को ग्राम नगला अर्जुन निवासी राजेंद्र सिंह उर्फ राजू जाटव की 3 वर्षीय पुत्री गौरी की मौत हो गई। वह पिछले दो दिन से बुखार से ग्रसित थी और जिला चिकित्सालय में इलाज चल रहा था।
इसी प्रकार ग्राम खेड़ा बुजुर्ग में अरविंद तोमर की 5 वर्षीय पुत्री तान्या करीब एक सप्ताह से बीमार थी। वह सैफई पीजीआई में दो दिन से वेंटिलेटर पर थी।
गुरुवार की सुबह तान्या ने दम तोड़ दिया। तीसरी मौत ग्राम गढ़ी जालिम में हुई, जब आठ दिन से बीमार चल रहे 60 वर्षीय सुरेश रामस्नेही की मौत हो गई।
क्षेत्र के इन तीनों गांवों में रोजाना किसी न किसी की मौत हो रही है। लगभग हर घर में परिवार का कोई न कोई सदस्य बीमार है। मगर स्वास्थ्य विभाग कैंप लगाकर दवाई आदि वितरित कर रहा है, लेकिन मरीजों के खून की जांच कराने की कोई व्यवस्था नहीं है। ग्रामीणों ने सीएमओ से मांग की है इन गांवों में इलाज और जांच की समुचित व्यवस्था की जाए।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी डॉ. सुशील यादव ने बताया गांवों कैंप लगवाएं जा रहे हैं। ग्रामीणों की ज्यादा से ज्यादा मदद की जा रही है। एंटी लार्वा दवा का छिड़काव करवा रहे हैं।
बिजौली में किशोर ने तोड़ा दम
बकेवर। क्षेत्र के ग्राम बिजौली गांव मेें गुरुवार को राम महेश पोरवाल के 14 वर्षीय पुत्र आदर्श उर्फ भोले की मौत हो गई। वह कक्षा 8 का छात्र था। तीन दिन पहले बुखार आने पर इलाज के लिए उसे परिजन सैफई ले गए थे।
इसके बाद उसे आगरा लेकर जा रहे थे लेकिन रास्ते में उसने दम तोड़ दिया। मृतक के बाबा हरि प्रकाश पोरवाल ने बताया आदर्श उर्फ भोले को सोमवार को तेज बुखार आने से हालत गंभीर हो गई थी।
पहले इटावा निजी अस्पताल लेकर गए, लेकिन आराम न मिलने पर दूसरे अस्पताल ले गए, तब चिकित्सकों ने सैफई ले जाने को कहा। सैफई ले जाने पर कोई आराम न मिलने पर आगरा ले जा रहे थे लेकिन रास्ते में आदर्श की मौत हो गई।
गौरी का फाइल फोटो- फोटो : ETAWAH
तान्या का फाइल फोटो- फोटो : ETAWAH