ऊसराहार। हनुमान की उपासना और आराधना मानसिक शक्ति प्रदान करती है। रामचरित मानस में जामवंत, हनुमान और अंगद भक्ति ज्ञान वैराग्य की त्रिवेणी हैं, जिसकी पूर्णता आनंद के समुद्र श्रीराम में जाकर पूर्ण हो जाती है। यह बात क्षेत्र के भरतपुर खुर्द गांव के अद्वैत स्वरूप आश्रम में सत्संग व सुंदर कांड पाठ में प्रवचन के दौरान रामजी तिवारी ने कही।
कहा कि भक्ति और शरणागति की त्रिवेणी हनुमान और जामवंत में है। यह त्रिवेणी श्रीराम के दिव्य चरित्र में समुद्र में जाकर मिल जाती है। रामप्रकाश प्रजापति ने कहा कि संत रुपी त्रिवेणी चल विग्रह के रूप में जिस नगर गांव में पहुंच जाती है। वहां सत्संग रूपी गंगा, यमुना, सरस्वती स्वयं प्रवाहित हो जाती हैं। इस दौरान कई संतों ने प्रवचन किया। बड़ी संख्या में लोगों ने भंडारा ग्रहण किया।
एसओजी प्रभारी जितेंद्र प्रताप सिंह, ऊसराहार थानाध्यक्ष तेज सिंह, विधायक प्रतिनिधि चीनी यादव, भाजपा नेता मनीष यादव पतरे, योगेंद्र यादव, रामबाबू गुप्ता, उपेंद्र गुप्ता, सुदीप गुप्ता, रामप्रकाश प्रजापति, त्रियुगी नारायण, अच्युत त्रिपाठी, अवधेश राठौर समेत अन्य लोग मौजूद रहे।