इटावा। पंचायत बोर्ड की बैठक शनिवार को जिला पंचायत सभागार में हुई। बैठक में ग्रामीण क्षेत्रों में अव्यवस्थित बिजली आपूर्ति, बाढ़ग्रस्त गांवों में सर्वे में लेखपालों के स्तर से की जा रही गड़बड़ियों के मुद्दे उठाए गए।
बैठक में भरथना पंचायत की जमीन पर निर्मित टिनशेड युक्त फड़ आवंटित करने, चकरनगर के ग्राम सहसों में नवनिर्मित कांजी हाउस को पंचायत को सौंपने, घाटे में चल रहे जिला पंचायत के निरीक्षण भवन और गेस्ट हाउस को बंद किए जाने के प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।
सदस्यों ने जिला पंचायत के निरीक्षण भवन और गेस्ट हाउस से प्रशासनिक हस्तक्षेप समाप्त करने का सुझाव भी दिया। पांचवें राज्य वित्त आयोग और 15 वें केंद्र वित्त आयोग की संस्तुतियों पर 2021-22 की कार्ययोजना का भी अनुमोदन किया गया।
जिला पंचायत अध्यक्ष अभिषेक यादव उर्फ अंशुल कहा कि जन समस्याओं का निस्तारण सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। सदस्यों ने जो समस्याएं बताई हैं उनका निराकरण गंभीरता से किया जाए। यदि किसी विभाग के स्तर से समस्याओं की अनदेखी की गई तो शांतिपूर्ण तरीके से विरोध किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि शासन स्तर से जिला पंचायतों के विकास के लिए अभी बजट का आवंटन नहीं हो रहा है। जिले को केवल 50 लाख रुपये मिले हैं। सरकार के प्रतिनिधियों को ग्रांट रिलीज कराने के लिए दबाव बनाना चाहिए। जिससे विकास कार्य कराए जा सकें।
जर्जर विद्युत तार बदलवाने, हाईवे पर गड्ढों के गूंजे मुद्दे
जिला पंचायत सदस्य जयप्रकाश ने कहा कि अंदावा ग्राम पंचायत की यादवन मड़ैया और पुरावली पंचायत में विद्युत तार झूल रहे हैं। तारों से आपूर्ति भी गड़बड़ रहती है। गोपियापुर से आश्रम तक और ढकाताल से लीटेपुर तक का संपर्क मार्ग भी खराब है। बसरेहर के पंकज यादव ने इटावा बरेली राष्ट्रीय राजमार्ग पर गड्ढों का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि इटावा से कर्री पुलिया तक गड्ढे ही गड्ढे हैं। मनोज यादव बंटी ने भरथना में बैशोली घाट की पुलिया और मेढी निगोह सेंगर नदी पुल की मरंमत की मांग रखी।
भरतपुर गांव में खराब पड़ी पानी टंकी, 10 गांवों के लोग परेशान
दौलत बघेल ने ताखा क्षेत्र के ग्राम भरतपुर में पानी की टंकी की समस्या को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि इस टंकी से दस गांव जुड़े हैं। किसी भी गांव में पानी की आपूर्ति नहीं हो रही है। जलनिगम के अधिकारी कई बार कहने के बाद भी कोई सुनवाई नहीं कर रहे हैं। गीतम सिंह पाल ने ताखा क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में बिजली आपूर्ति के गंभीर संकट की ओर सदन का ध्यान खींचा।
स्कूलों के बीच गुजरे तार, विद्युत पोल लगाने की मांग
दीपांशु गौतम ने बताया कि कुंवरा सूजीपुर में दो पोलों के बीच अधिक दूरी है। बिजली के तार स्कूल के बीच से होकर गुजरे हैं। बच्चों और अध्यापकों को जानमाल का खतरा है। यहां अतिरिक्त पोल लगाकर समस्या का समाधान किया जाना चाहिए। इसी तरह से बाराहार गांव में पानी की टंकी के लिए करायी गई बोरिंग से गंदा कीचड़युुक्त पानी आता है। यह पीने योग्य नहीं है। यहां रीबोर की जरूरत है।
पात्रों के चयन में गड़बड़ी का आरोप
चकरनगर के ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि शिव किशोर यादव ने बताया कि बाढ़ प्रभावित इलाकों में लेखपाल काम नहीं कर रहे हैं। पात्रों के चयन में गड़बड़ी कर रहे हैै। प्रभावित इलाकों में अभी तक बिजली व्यवस्था पटरी पर नहीं आ सकी है। लेखपालों के स्तर से किए जा रहे मनमाने सर्वे पर अंकुश लगाने की मांग की।
समितियां गठित कर सदस्य चयनित
बैठक में शासन के निर्देशानुुसार नियोजन एवं विकास समिति, शिक्षा समिति, निर्माण कार्य समिति, स्वास्थ्य एवं कल्याण समिति, जल प्रबंधन समितियों का गठन किया गया। सभी समितियों में सभापति और सदस्यों के नाम घोषित किए गए। बैठक में सीडीओ संतोष कुमार राय, सांसद प्रतिनिधि मुकुट सिंह शाक्य, मुकेश यादव, विधायक प्रतिनिधि जितेंद्र जैन हैप्पी, डा अरविंद यादव, प्रेम सागर, शिवम पाल, सचिन यादव, डीडीओ दीनदयाल, पीडी जयकेश त्रिपाठी, एएमए जिला पंचायत रामगोपाल, डीपीआरओ यतेंद्र सिंह, एडीआईओएस डा मुकेश कुमार, बीएसए उमानाथ, डीएसओ सीमा त्रिपाठी सहित अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।