इटावा। डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर भारतीय रेलवे का ड्रीम प्रोजेक्ट है। इस परियोजना के पीछे उद्देश्य था कि मुख्य लाइन पर ट्रेनों की भीड़ कम होगी। इसके साथ ही भारतीय रेलवे ट्रेनों को गति देने का काम करेगा।
इस कॉरिडोर में 100 किलोमीटर की रफ्तार से मालगाड़ियों का संचालन हो रहा है। ऐसे में एक माह के अंदर दूसरा हादसा होने से परियोजना पर सवाल खड़े होने लगे हैं। लोगों का कहना है कि यह परियोजना हादसों की बनकर रह गई है।
दिल्ली-कानपुर रेलवे लाइन देश का सबसे व्यस्त रेलमार्ग है। इस रेलमार्ग पर ट्रेनों की संख्या अधिक होने के चलते यात्री ट्रेनें अधिकांश देरी से चलती थी। ऐसे में रेलवे ने विशेष मालभाड़ा परियोजना तैयार की।
5750 करोड़ की 351 किमीमीटर न्यू भाऊपुर से न्यू खुर्जा तक की परियोजना का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेेंद्र मोदी ने 29 दिसंबर 2020 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये उद्घाटन किया था। शुरूआत के दिनों में मालगाड़ी का परिचालक ठीक से होता रहा लेकिन अब लगातार हादसे हो रहे हैं।
डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर पर 23 अगस्त को जसवंतनगर क्षेत्र के ग्राम भारद्वाजपुरा में नई दिल्ली से कानपुर की ओर जा रही तेज रफ्तार मालगाड़ी पलट गई थी।
इस हादसे में कई किलोमीटर दूर तक ट्रैक और विद्युत पोल के क्षतिग्रस्त हो गए थे। हालांकि इस घटना में किसी प्रकार की कोई जनहानि नहीं हुई थी।
लेकिन हादसा कितना भीषण था इसका अंदाजा इस बात से लगाया जाता हैं कि ट्रैक को बहाल होने में पूरा एक सप्ताह का समय लग गया था। अब फिर से यह हादसा हो गया, तो ट्रैक पर सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
लोगों के दबे होने पर ग्रामीणों ने किया हंगामा
मालगाड़ी पलटने और उसमें कुछ लोगों के दबे होने की जानकारी मिलते ही ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंचे और हंगामा करने लगे। हालांकि प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों के पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचते ही हंगामा कर रहे लोग शांत पड़े। राहत और बचाव कार्य शुुरू हुआ।
झारखंड पत्थर लेकर जा रही थी मालगाड़ी
मालगाड़ी झारखंड पत्थर लेकर जा रही थी। शाम करीब 5 बजे पटरी से उतरने से मालगाड़ी के आठ डिब्बे आपस में टकरा गए। मालगाड़ी में 58 डिब्बे होने की बात कही जा रही है। मालगाड़ी के सभी डिब्बों में पत्थर होने की वजह से दुर्घटना इतनी भीषण थी कि ज्यादातर डिब्बे बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गए। हादसे की वजह से रेलवे लाइन के किनारे रेलवे की पावर सप्लाई भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई।
डीएम, एसएसपी व एसडीएम मौके पर पहुंचे
फ्रेट कॉरिडोर पर मालगाड़ी के दुर्घटनाग्रस्त होने से हड़कंप मच गया। जानकारी मिलते ही जिलाधिकारी श्रुति सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डा. बृजेश कुमार सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण ओमवीर सिंह, सैफई के उप जिलाधिकारी एन राम पुलिस बल के साथ घटना स्थल पर पहुंचे। मौके पर कई एंबुलेंस व दमकल की कई गाड़ियां भी पहुंची। घटना के बाद बड़ी तादात में आसपास के गांवों के लोग बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
25 फुट ऊपर उछले मालगाड़ी के डिब्बे
हादसे के बाद लगभग मालगाड़ी के डिब्बे 25 फुट ऊपर उछले और ट्रैक किनारे गिरे। जिनके नीचे दबने से सचिन (12) पुत्र राकेश दिवाकर की मौत हो गई। जबकि हिमंाशु (12) पुत्र जीवन सिंह व बॉबी (12) पुत्र शैलेंद्र व सुमन (50) पत्नी अर्जुन घायल हो गईं।
डीएम ने दिया आर्थिक सहायता दिलाने का भरोसा
जिलाधिकारी श्रुति सिंह ने कहा कि हादसे का शिकार पीड़ितों के परिजनों को रेलवे की ओर से आर्थिक सहायता दिलाए जाने का प्रयास करेंगी।
हादसे का शिकार मालगाड़ी के डिब्बे- फोटो : ETAWAH
फाइल फोटो सचिन- फोटो : ETAWAH
दुघर्टनाग्रस्त मालगाड़ी को देखते ग्रामीण- फोटो : ETAWAH