चंपानेर गांव में हमलावरों को जीप में बैठाती थाना पुलिस।
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बसरेहर (इटावा)। चंपानेर गांव में बुधवार शाम को जुआ बंद करवाने गई पुलिस पर करीब 20 जुआरियों ने हमला कर दिया। डंडा लगने से एक ट्रेनी दरोगा का सिर फूट गया। हमलावर लोग मौके से भाग गए। बाद में काफी संख्या में पुलिस बल गांव पहुंचा और छह लोगों को हिरासत में ले लिया। पुलिस हमले में दरोगा के चोट आने की बात से इनकार कर रही है।
बुधवार शाम करीब साढ़े चार बजे थाना क्षेत्र के चंपानेर गांव के बाहर एक ट्यूबवेल पर करीब 20 लोगों के जुआ खेलने की सूचना पुलिस को मिली थी। शाम करीब पांच बजे थाने से ट्रेनी दरोगा तरुण कुमार चार सिपाहियों के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने जुआ खेलते लोगों को पकड़ने का प्रयास किया। तभी जुआ खेल रहे लोगों ने लाठी-डंडों से पुलिस पर हमला कर दिया। इसमें ट्रेनी दरोगा तरुण का सिर फूट गया।
जिसे देख हमलावर लोग डर गए और भाग खड़े हुए। साथ में मौजूद सिपाही घायल दरोगा को बसरेहर सीएचसी लेकर पहुंचे। सीएचसी प्रभारी ने दरोगा की हालत देखते हुए जिला अस्पताल भेजना चाहा तो दरोगा ने इनकार कर दिया। यहां से ट्रेनी दरोगा तरुण किसी प्राइवेट गाड़ी बैठकर चले गए।
पुलिस पर हमले की सूचना मिलने पर बसरेहर थाना से काफी संख्या में फोर्स चंपानेर गांव पहुंचा। पुलिस ने गांव में हमलावरों को तलाश किया। इस दौरान जो लोग पुलिस के हत्थे चढ़े। उन्हें गाड़ी बैठाकर पुलिस थाना ले आई। छह लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया है। बसरेहर थाना प्रभारी निरीक्षक मुकेशबाबू चौहान ने बताया कि चंपानेर गांव में जुआ खेले जाने की सूचना पर पुलिस पहुंची थी। इस समय ट्रेनी दरोगा तरुण जुआरियों को पकड़ने के लिए दौड़े, तभी उनका पैर फिसल गया और वह गिरकर चोटिल हो गए। उन्होंने कहा कि जुआ खेलते लोगों ने पुलिस के साथ मारपीट तो की। लेकिन दरोगा के चोट गिरने से आई है। फिलहाल काफी संख्या में थाना पुलिस गांव में मौजूद है। पुलिस हमलावर लोगों की धरपकड़ के प्रयास कर रही है।