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गौशालाओं भूख से तड़प रहे गोवंश, दो सचिव निलंबित

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रायनगर में गौशाला का निरीक्षण करते तहसीलदार अशोक कुमार तथा मनरेगा अधिकारी शोकत अली उनके साथ भार? - फोटो : ETAWAH
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इटावा/जसवंतनगर। गोशाला में गायों के भूख से तड़पने की मामला पूर्व मंत्री, पशु अधिकार कार्यकर्ता और पर्यावरणविद् मेनका गांधी तक पहुंचने के बाद दो सचिवों को निलंबित कर दिया गया है।
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इन सचिवों पर आरोप है कि गोशाला के प्रबंधन में लापरवाही बरती। गोवंश के लिए समय पर चारा और उनके रहन-सहन की ठीक से व्यवस्था नहीं की गई है। दोनों सचिवों को जिला विकास अधिकारी इटावा के कार्यालय से संबद्ध किया गया है।
जसवंतनगर के ग्राम रायनगर में संचालित निराश्रित गोवंश आश्रय स्थल के संचालन में गड़बड़ियां पाई गईं हैं। इसकी शिकायत भारतीय किसान संघ के प्रांतीय प्रचार प्रमुख अक्षय प्रताप सिंह ने मेनका गांधी से की थी।
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कहा था कि गायों को चारा-भूसा नहीं मिल रहा है। वह भूख से तड़पते रहते हैं। मेनका गांधी ने इस मामले पर जिलाधिकारी से फोन पर बात की थी। जिलाधिकारी ने तहसीलदार जसवंतनगर अशोक कुमार और मनरेगा अधिकारी शौकत अली को गोशाला की जांच करने भेजा था।
जांच में शिकायत सही मिलने पर ग्राम पंचायत सचिव संजीव यादव को निलंबित कर दिया गया। आरोप है कि गोशाला में भूसा खत्म हो गया था। गोशाला में चारा, भूसा आदि का स्टॉक रजिस्टर, पशुओं का विवरण, टैग की कोई पंजिका उपलब्ध नहीं कराई गई। इसकी जांच खंड विकास अधिकारी महेवा को सौंपी गई है।
बढ़पुरा में भी अव्यवस्था मिली
ग्राम पंचायत बढ़पुरा में तैनात सचिव विवेक तिवारी पर गोशाला में अव्यवस्था और विकास कार्यों में लापरवाही का आरोप लगा है। उन्हें भी निलंबित कर दिया गया है। डीपीआरओ ने ग्राम पंचायत का निरीक्षण किया तो कई खामियां पाई गई।
गोशाला में दो दिन से भूसा और हरे चारे की व्यवस्था नहीं थी। इस वजह से गोवंश भूख से तड़प रहे हैं। पिछले महीनों में 15 गौवंश की मौत भी हो चुकी है। बढ़पुरा का पंचायत भवन लगभग 30 वर्ष पुराना है।
इसका जीर्णोद्वार होना है। इस पर कोई कार्य नहीं किया गया। सामुदायिक शौचालय में पानी की व्यवस्था नहीं मिली। आरओ लगवाने के लिए तीन लाख 87 हजार 480 रुपए खर्च किए गए हैं, लेकिन आरओ निष्क्रिय मिला। सचिव को निलंबित कर जिला विकास अधिकारी कार्यालय से संबद्ध कर दिया गया है। मामले की जांच ताखा खंड विकास अधिकारी को सौंपी गई है।
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