इटावा। जिले में एक कोरोना पॉजिटिव निकलने के बाद भी स्वास्थ्य विभाग लापरवाही कर रहा है। जिला अस्पताल की कोरोना ओपीडी में जिन मरीजों को संदिग्ध मानकर सैंपल लिए जा रहे हैं उन्हें भी क्वारंटीन नहीं किया जा रहा है। डॉक्टर नाम, पता और मोबाइल नंबर लिखकर क्वारंटीन रहने की सलाह देकर घर भेज रहे हैं। संदिग्ध होम क्वारंटीन हुआ या नहीं, ये कोई नहीं देख रहा है।
जिले में पहला कोरोना पॉजिटिव धर्मवीर यादव खुद 10 अप्रैल को ओपीडी पहुंचा था। उस दिन 60 लोग जांच कराने आए थे, जिसमें 41 के सैंपल लिए गए थे। धर्मवीर समेत सभी को क्वारंटीन करने के बजाए घर भेज दिया गया था। 12 अप्रैल को उसकी जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आ गई। ओपीडी की लाइन से एक पॉजिटिव केस सामने आने के बाद भी स्वास्थ्य विभाग गंभीर नहीं हो रह है।
बुधवार को खांसी, जुकाम, बुखार और सांस लेने में तकलीफ के 65 लोग जिला अस्पताल की कोरोना ओपीडी में जांच कराने आए थे। मरीजों की तीन लाइनें लगवाई गईं। इन मरीजों में छह लोग हैदराबाद, तीन राजस्थान के अजमेर, पांच मध्य प्रदेश के मुरैना, चार बुलंदशहर और दो फर्रुखाबाद से लौटे हैं। बाहर से लौटे लोगों समेत 20 लोगों के संदिग्ध लगने पर सैंपल लिए गए। जिन लोगों के सैंपल लिए गए उन्हें क्वारंटीन रहने की सलाह देकर लौटा दिया गया। अस्पताल में एक भी मरीज को क्वारंटीन नहीं किया गया। जांच कराने आए मरीज घर में क्वारंटीन हुए या नहीं ये भी नहीं देखा गया।
ओपीडी में जांच करने वाले डॉ.शांतनु ने बताया कि दूसरे शहरों आए ज्यादातर लोग घर जाने से पहले यहां जांच कराने आ रहे हैं। आज किसी भी मरीज में कोरोना के सिमटम नहीं मिले हैं। एहतियातन सैंपल लिया गया है। सभी को 14 दिन घर में क्वारंटीन रहने की सलाह भी दी जा रही है। सभी मरीजों के नाम, पता, मोबाइल नंबर और आधार कार्ड नंबर भी दर्ज किए जा रहे हैं।
जो लोग दूसरे शहरों और प्रदेशों से आ रहे हैं उनका सैंपल लिया जा रहा है। सैंपल लेने के बाद उन्हें होम क्वारंटीन रहने की सलाह दी जाती है। ये भी कहा जाता है कि अगर दिक्कत हो तो दोबारा अस्पताल आएं। लक्षण मिलने पर ही जिला अस्पताल में क्वारंटीन किया जाता है।
- डॉ.एनएस तोमर, सीएमओ
जिले के बाहर से आने वाले प्रत्येक व्यक्ति की जांच कराने के निर्देश दिए गए हैं। उनका सैंपल लेकर क्वारंटीन भी करना है। घर पर क्वारंटीन होने के बाद निगरनी की जिम्मेदारी स्वास्थ्यकर्मियों और आशा को दी गई है। इसमें किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अगर कोई ढिलाई बरत रहा है तो जांच कराकर कार्रवाई करेंगे।
- जेबी सिंह, जिलाधिकारी