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पिछड़ों के आरक्षण को समाप्त करना चाहती है भाजपा सरकार

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फोटो संख्या 02- सिटी मजिस्ट्रेट उमेश मिश्रा को ज्ञापन देते सपा पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ के पदाधिकारी - फोटो : ETAWAH
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इटावा। समाजवादी पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ ने शनिवार को मंडल दिवस मनाया। आज के दिन 07 अगस्त 1990 को मंडल कमीशन की रिपोर्ट लागू करने की घोषणा हुई थी। मंडल आयोग की समस्त सिफारिशों को लागू कराने के लिए समाजवादी पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ ने राष्ट्रपति को संबोधित सात सूत्री ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा।
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ज्ञापन में कहा गया है कि सत्तारूढ़ भाजपा सरकार संविधान की मूल भावना से खिलवाड़ कर आरक्षण समाप्त करने की साजिश कर रही है। पिछड़े, दलित, आदिवासी, अल्पसंख्यक और महिलाओं के साथ बर्बरतापूर्ण अन्याय और अत्याचार चरम सीमा पर है। सरकार की गलत नीतियों के चलते समाज के हर वर्ग के अधिकार खतरे में है।
ज्ञापन के माध्यम से मंडल कमीशन की सभी सिफारिशें पूरी तरह से लागू करने, जातीय जनगणना कराने, आबादी के अनुपात में सभी को हिस्सेदारी देने, आरक्षित वर्ग को बैकलॉग भर्ती शुरू करके नौकरियां एवं सुविधाएं देने, नीट, मेडिकल की परीक्षा में अन्य पिछड़े वर्ग के आरक्षण को रोके जाने, निजी क्षेत्र में भी मंडल कमीशन की रिपोर्ट लागू कर आरक्षण का लाभ दिया जाने की मांग की गई है।
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समाजवादी पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष राज किशोर भोजवाल ने कहा कि मुलायम सिंह यादव ने मंडल कमीशन की सिफारिश पर नौकरियों और शिक्षण संस्थाओं में 27 प्रतिशत आरक्षण लागू किया था।
उस 27 प्रतिशत आरक्षण में भी वर्तमान भाजपा सरकार पिछड़ों की अनदेखी कर रही है। ज्ञापन देने वालों में अमित राजपूत, राकेश यादव, अरविंद यादव, चंदन सिंह बघेल, धर्मेंद्र सिंह, नरेंद्र पाल, बृजेंद्र यादव, रोहित श्रीवास्तव, उत्तम सिंह प्रजापति शामिल रहे।
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