इटावा। 24 सितंबर को केंद्रीय ट्रेड यूनियनों व स्कीम वर्कर्स की होने वाली देश व्यापी हड़ताल को सफल बनाने का आशा कर्मचारी यूनियन ने अपील की है।
यूनियन की जिला मंत्री संगीता ने रविवार को हुई बैठक में कहा केंद्र व राज्य सरकारें आशाओं के साथ सौतेला व्यवहार कर रही हैं। आशाओं पर लगातार काम का बोझ बढ़ाया जा रहा है, लेकिन उन्हें मिलने वाला मानदेय न के बराबर है। ड्यूटी का कोई समय निर्धारित नहीं है। इस वजह से आशाओं के सामने गंभीर समस्याएं हैं।
जिला मंत्री ने कहा आशाओं को कर्मचारी का दर्जा, 21 हजार रुपये न्यूनतम वेतन, फंड, बोनस, दुर्घटना बीमा, रिटायर होने पर कम से कम 10 लाख एक मुश्त भुगतान, उनके स्थान पर उनके परिवार की ही बेटी या बहू को नौकरी, श्रम कानूनों में किए गए बदलाव वापस लेना आदि मुद्दे होंगे।
आशा व रसोईया यूनियन के प्रदेशीय नेता अमर सिंह शाक्य ने सरकार के जनविरोधी, महिला विरोधी, आशा, आंगनबाड़ी, रसोईया विरोधी नीतियों के चलते, आसमान छूती महंगाई, स्कीम वर्कर्स के सामने परिवार चलाने का गंभीर संकट पैदा हो गया है।
24 सितंबर को केंद्रीय ट्रेड यूनियनों, समस्त स्कीम वर्कर्स जैसे आशा, आंगनबाड़ी, संगिनी एवं मिड डे मील रसोईया व्यापक रूप से भाग लेकर हड़ताल को सफल बनाने का काम करेंगे। बैठक में सुमित्रा, मीरा देवी, प्रमिला, शशि देवी, रजनी, विजय देवी, सरस्वती, सुलोचना, सीमा, रामा देवी आदि आशाएं उपस्थित रहीं।