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अजीबो गरीब: विधवा बनाकर पुरुष को ही पेंशन देने लगा विभाग

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ऊसराहर। यह जरा अजीव सा लगेगा कि विधवा बनकर पुरुष विधवा पेंशन पा रहा है लेकिन यह सच है। सरकार की योजनाओं को तंत्र की मिलीभगत से किस तरह पात्रों तक पहुंचने से पहले ही अपात्र डकार जाते हैं।
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यह इसकी बानगी है। हम बात कर रहे हैं ताखा ब्लाक की ग्राम पंचायत ककराही की। जहां प्रोबेसन विभाग ने यह कारनामा करके दिखाया है। यहां विभागीय मिलीभगत से पुरुष पेंशन पा रहा है।
सरकारी विभागों का भी अजब हाल है, एक ओर जहां पात्रों को सरकारी योजना का लाभ पाने के लिए सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाते-लगाते पैरों की चप्पलें तक घिस जाती हैं।
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वहीं अपात्रों को घर बैठे दलालों के माध्यम से गलत लाभ मिल जाता है। कुछ ऐसा ही हाल ताखा ब्लाक की ग्राम पंचायत ककराही में देखने को मिल रहा है। जहां प्रोबेसन विभाग पुरुष को विधवा मानकर पेंशन जारी कर रहा है। वहीं कई महिलाओं के पति जीवित है, लेकिन उन्हें विधवा पेंशन मिल रही हैं।
एक गुमनाम व्यक्ति की शिकायत पर ककराही गांव में एडीओ समाज कल्याण की जांच में यह खेल खुला है। जिसमें गांव के वीरेंद्र सिंह पुत्र बदन सिंह को वीरेंद्री देवी बना दिया गया है।
उन्हें आईडी संख्या 313510384822 पर वीरेंद्री देवी पत्नी बदन सिंह के नाम से पेंशन जारी हुई है। यह पैसा वीरेंद्र सिंह के खाते में आया है। हकीकत में वीरेंद्री देवी नाम की कोई विधवा गांव में है ही नहीं। इतना ही नहीं वीरेंद्र की पत्नी प्रेमसिया को भी आईडी संख्या 313510384832 पर विधवा पेंशन मिल रही है।
इस तरह पति और पत्नी दोनो को विधवा बनाकर पेंशन का लाभ दिया जा रहा है। इसी तरह आईडी संख्या 313510384792 पर शकुंतला देवी पत्नी महेंद्र प्रताप सिंह को भी विधवा पेंशन मिल रही है।
जब जानकारी की गई तो शकुंतला के पुत्र पप्पन ने बताया उसके पिता तो जीवित है फिर विधवा पेंशन कैसे बन गई। उसने बताया ककराही गांव के एक लड़के ने उनकी पेंशन बनवाने की बात कही थी।
उसी ने पेंशन बनवाई होगी, उन्हें नही पता कि कौन सी पेंशन मिल रही है। इसके बदले में वह लड़का पेंशन की तीन किस्तें ले चुका है। गांव की शारदा देवी के पति अनंतराम जीवित है।
गीता देवी के पति रामविलास भी जीवित है, धर्मा देवी के पति कोमल सिंह भी जीवित है, रामा देवी के पति राम नरेश भी जीवित है। इन सबकों विधवा पेंशन मिल रही है। कई पेंशन धारकों के खातों में कई किस्तें तक भेजी जा चुकी है। यह खेल पिछले साल से चल रहा है।
पूरे मामले की जांच कर रहे हैं। कई फर्जी नाम सामने आ रहे हैं। इनकी बैंक डिटेल भी जुटाई जा रही हैं साथ ही किस तरह से उन्हें पेंशन मिलने लगी और कौन इसके पीछे हैं। इसकी भी जानकारी की जा रही है। - शिवम पाल, एडीओ समाज कल्याण
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