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निर्भया कांड का केस लड़ने वाली अधिवक्ता को अपनी जान की चिंता

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अधिवक्ता सीमा कुशवाहा का फोटो - फोटो : ETAWAH
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बकेवर। निर्भया के दरिंदों को फांसी तक पहुंचाने में प्रमुख भूमिका निभाने वाली सुप्रीम कोर्ट की अधिवक्ता सीमा कुशवाहा ने केंद्र सरकार से सुरक्षा की मांग की है। इटावा के ब्लाक महेवा के उग्गरापुरा गांव निवासी अधिवक्ता को अपराधियों से धमकी मिली है।
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उग्गरपुरा गांव की सीमा कुशवाहा ने दिल्ली में हुए निर्भया सामूहिक दुष्कर्म व हत्याकांड का केस लड़ा था। वह हाथरस में पिछले साल हुए युवती से सामूहिक दुष्कर्म व हत्याकांड का केस भी लड़ रही हैं।
उन्होंने अपनी फेसबुक एकाउंट से गृह मंत्रालय और प्रधानमंत्री से सुरक्षा की मांग की है। फेसबुक पर लिखा है कि हाथरस दुष्कर्म व हत्याकांड का केस ट्रायल पर है।
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पिछले दिनों कोर्ट में उन्हें धमकी दी गई। इस पर न्यायाधीश ने उन्हें कोर्ट में मौजूद पांच पुलिसकर्मियों को उनकी सुरक्षा करने का आदेश दिया था।
वह निर्भया केस के बाद वह वैसे ही छह केस लड़ रही हैं। इन मामलों के अपराधी व उनके साथियों की तरफ से उन्हें तरह-तरह की धमकियां जा रही है। उनकी जान को खतरा है।
ट्वीट भी किया
सीमा कुशवाहा से फोन पर हुई बातचीत में उन्होंने बताया कि उन्हें अभी तक कहीं से सुरक्षा मुहैया नहीं कराई गई। तब उन्होंने गुरुवार को सुरक्षा की मांग को लेकर सोशल मीडिया के फेसबुक व टिवटर हैंडिल पर संदेश भेजा है।
यूएन की सूची में शामिल हैं अधिवक्ता
अधिवक्ता सीमा कुशवाहा को दो महीने पहले संयुक्त राष्ट्र संघ की सहयोगी संस्था रिपब्लिक ऑफ वीमेन संस्था ने मानवीय कार्य करने वाली दुनिया की टॉप-1000 महिलाओं की सूची में शामिल किया था। इनमें टॉप-10 में उनका नाम आठवें स्थान पर है।
हाथरस में मुहैया कराई गई सुरक्षा
हाथरस में केस की सुनवाई के दौरान अधिवक्ता सीमा कुशवाहा गुरुवार को हाथरस की जिला कोर्ट में आईं थी। तब जिला जज के निर्देश पर उन्हें स्थानीय स्तर पुलिस सुरक्षा मुहैया कराई गई। सुनवाई के बाद पुलिस सुरक्षा में उन्हें हाथरस की सीमा तक भेजा गया। इसके बाद दिल्ली अपने घर तक वह अकेली ही गईं।
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