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तदर्थ प्रधानाचार्यों ने की विनियमितीकरण की मांग

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फोटो संख्या 19- भाजपा सांसद रामशंकर कठेरिया और जिलाध्यक्ष संजीव को ज्ञापन सौपते तदर्थ प्रधानाचार? - फोटो : ETAWAH
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इटावा। तदर्थ प्रधानाचार्यों ने मुख्यमंत्री को संबोधित 9 सूत्री मांगों का ज्ञापन भाजपा के जनप्रतिनिधियों और डीआईओएस को सौंपा। जिसमें विनियमित की मांग प्रमुख है।
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भाजपा सांसद रामशंकर कठेरिया, सदर विधायक सरिता भदौरिया, विधायक सावित्री कठेरिया, भाजपा जिलाध्यक्ष संजीव राजपूत सहित जिला विद्यालय निरीक्षक राजू राणा को सौंपे ज्ञापन में प्रधानाचार्यों ने कहा कि पूरे प्रदेश में लगभग 3600 से अधिक तदर्थ प्रधानाचार्य कार्यरत है।
जो विद्यालयों का कुशलतापूर्वक संचालन कर रहे है। चयन बोर्ड स्थापना के पूर्व शैक्षिक योग्यता व वरिष्ठता के आधार पर इन प्रधानाचार्यों की नियुक्ति होती थी। विद्यालयों की व्यवस्था वर्तमान से भी अच्छी थी।
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अन्य व्यवस्था के अंतर्गत भी वरिष्ठ शिक्षकों में से चयन प्रारंभ हुआ और कई वर्षों तक यहीं व्यवस्था लागू रहीं। चयन बोर्ड के गठन के पश्चात चयन प्रक्रिया दुर्गति से चली, शनै: शनै: चयन प्रक्रिया धीमी होती गयी।
विगत 10 वर्षों से प्रधानाचार्य की नियुक्ति नहीं हुई। पूर्व में सरकारों ने प्रधानाचार्यों को विनियमित किया है। राज्य एवं केंद्र के समस्त विभागों में अनेक पद पदोन्नति से भरे जाते है।
कर्मचारियों को अपने सेवाकाल में पदोन्नति का अवसर प्राप्त होता है। परंतु अशासकीय सहायता प्राप्त हाईस्कूल स्तर तक के माध्यमिक विद्यालयों के स्नातक वेतनक्रम के शिक्षकों को तथा इंटर स्तर में प्रवक्ता वेतनक्रम के शिक्षकों को अपने सेवाकाल में पदोन्नति का कोई अवसर प्राप्त नहीं होता।
विद्यालयों में प्रधानाचार्य का एकल पद होता है और इस अवसर से भी विभिन्न नियमों कानूनों के तहत शिक्षकों को वंचित किया गया है। विनियमितीकरण से सरकार पर कोई अतिरिक्त वित्तीय भार नहीं पड़ेगा।
ज्ञापन देने वालों में प्रधानाचार्य राजकुमार वर्मा, सचिन यादव, राजेश सिंह, अनिल तोमर, राजकिशोर, हरेंद्र प्रसाद, अवधेश कुमार मिश्रा, पूर्व प्रधानाचार्य अरूण दुबे, शिक्षक संघ चंदेल गुट अध्यक्ष पंकज कुमार सिंह आदि उपस्थित रहें।
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