बीते दिनों प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में बड़े जोरशोर से स्वच्छता अभियान शुरू किया था लेकिन उनका संसदीय क्षेत्र वाराणसी उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के गृह जनपद इटावा से सफाई के मामले में मात खा गया।
मजेदार बात यह है कि शहरी विकास मंत्रालय के स्वच्छता परीक्षण परिणाम में केवल सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह का गढ़ प्रदेश में टॉप पर रहा। गौरतलब है कि केंद्र के शहरी विकास मंत्रालय ने देश के 476 शहरों में स्वच्छता का परीक्षण कराया था। इसमें इटावा टॉप-100 में जगह बनाकर 85वें नंबर पर रहा। इसके विपरीत वाराणसी काफी पीछे 418वें स्थान पर रहा।
इसी प्रकार प्रदेश की राजधानी लखनऊ का स्थान 220वां रहा। उल्लेखनीय है कि यह परीक्षण भारत सरकार के शहरी मंत्रालय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छता अभियान को लेकर करवाया था। इस सर्वे में उन शहरों को ही शामिल किया गया था, जहां की आबादी एक लाख से ज्यादा है।
रिपोर्ट का खाका
शहरी विकास मंत्रालय ने वित्तीय वर्ष 2014-15 दूषित पानी के शोधन पेयजल की व्यवस्था और जल स्रोतों की शुद्धता के साथ ही पानी से होने वाली बीमारियों को बिंदु बनाकर उसमें शहरों की हालत देखी गई थी।
बता दें कि पीएम मोदी के स्वच्छ भारत मिशन के तहत शहरों पर ज्यादा जोर दिया गया था। आने वाले दिनों में मंत्रालय अब शहरों को 100 नंबर के आधार पर मापने जा रहा है।
इस कामयाबी पर सीएम खुश
देश भर में सुर्खियों में आई इस खबर के बाद मुख्यमंत्री खासे उत्साहित दिख रहे हैं। उन्होंने इसके लिए इटावा नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष कुलदीप गुप्ता को टेलीफोन पर बधाई देते हुए इस खुश करने वाली रिपोर्ट के बारे में विस्तार से बताया।
दरअसल मुख्यमंत्री का गृह जनपद होने के नाते इटावा को सफाई के मामले में खासी वरीयता पर रखा जाता है क्योंकि आए दिन महत्वपूर्ण समझे जाने वाले वीवीआईपी का दौरा यहां लगता रहता है। दूसरे नगर पालिका के पास अपनी स्पेशल टीम है, जो सफाई व्यवस्था पर खासा ध्यान भी रखती है।
श्री गुप्ता ने नागरिकों के सहयोग पर धन्यवाद दिया। उन्हें प्रो. रामगोपाल यादव ने भी बधाई दी है। इटावा के यूपी में अव्व्ल आने पर खुशी जताकर इसी तरह से काम करने की बात कह कर उत्साहवर्द्धन किया है।