इटावा। सैफई पीजीआई में सोमवार रात मरीज की मौत के बाद हुए बवाल को लेकर मंगलवार शाम लगभग पांच बजे जूनियर रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष टिंकू, विक्रम गौतम, सलीम, अनमोल, जितेंद्र, राखी ने कुलपति प्रो. डा. राजकुमार से मुलाकात की। उन्होंने सुरक्षा से संबंधित व अन्य मांगे रखीं। आए दिन होने वाली घटनाओं पर प्रभावी रोक के लिए सख्त कदम उठाने की बात कही। वहीं शव लेने आए मृतक के परिजन सहमे दिखे।
रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. टिंकू ने बताया कि उन लोगों ने कुलपति से मुलाकात कर मांगें रखीं। उसमें मुख्य मुद्दा सुरक्षा से संबंधित था जिसमें कुलपति द्वारा सभी मांगें पूरी कराने का आश्वासन दिया गया है। पहला मुद्दा यह था कि कई बार विश्वविद्यालय में सुरक्षा से संबंधित मामले उठ चुके हैं जिसके लिए बाउंसर मंगाने की मांग की गई थी और इसे जल्द पूरा करने की बात कही गई थी। इसके साथ ही जूनियर डॉक्टरों पर अनावश्यक दबाव न बनाने की बात रखी गई। इस पर कुलपति ने सभी मांगें लिखित में मांगीं। जूनियर्स ने मांग की कि सोमवार रात चिकित्सकों पर हमला करने वाले तीमारदारों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाए। कुलपति ने कहा कि पहले ही विश्वविद्यालय द्वारा कमेटी गठित कर दी गई है जिसकी जांच रिपोर्ट आने के बाद जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ थाने में तहरीर दी जाएगी। मंगलवार सुबह लगभग 11 बजे जयराम सिंह के शव का पंचनामा भरकर पुलिस ने परिजनों को सौंप दिया। मृतक के परिजन मोर्चरी पर सहमे नजर आ रहे थे जो कि कुछ भी बोलने के लिए तैयार नहीं हुए।
इस संबंध में सैफई थाना प्रभारी वीरेंद्र बहादुर यादव ने बताया कि सोमवार रात को हुए बवाल में दो तीमारदारों को सुरक्षा की दृष्टि से यूनिवर्सिटी से बाहर निकाल कर लाए थे, उनको घर छोड़ दिया गया है। अभी तक न ही विश्वविद्यालय की तरफ से और न ही तीमारदारों की तरफ से कोई तहरीर मिली है। तहरीर मिलती है तो जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।