फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

51 गावों के बच्चे हैं कुपोषण के शिकार

विज्ञापन
विज्ञापन
इटावा। जिले भर के 51 गांवों के बच्चे पौष्टिक आहार न मिलने से कुपोषण के शिकार हैं। यह हालात कई साल से बने हुए हैं, लेकिन प्रशासन बच्चों को इससे बाहर निकालने का प्रयास नहीं कर पाया। बीते साल इन गांवों की सूची बनाकर बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग को जिम्मेदारी सौंपी थी। लाख प्रयास के बाद विभाग साल भर में महज दो गांवों को सुपोषित की श्रेणी में ला पाया।
विज्ञापन

जिलाधिकारी श्रुति सिंह ने मंगलवार को कलक्ट्रेट सभागार में राज्य पोषण मिशन/डिस्ट्रिक्ट कन्वर्जेन्स प्लान कमेटी की बैठक की। समीक्षा में उन्होंने पाया कि सुपोषण के लिए गत वर्ष 53 गांव चिह्नित किए गए थे। इसमें से अभी तक दो गांव सुपोषण की श्रेणी में आ सके हैं। 51 गांव अभी अवशेष हैं। दिसंबर 20 तक सभी अवशेष गांवों को सुपोषण की श्रेणी में लाना है। सितंबर 2019 में विकास खंड महेवा के दो गांव आनेपुर ,बम्हौरा में 53 बच्चे में कुपोषित/अतिकुपोषित पाए गए थे। सितंबर 2020 में सर्वे के दौरान 24 बच्चे कुपोषित मिले। इस पर डीएम ने असंतोष व्यक्त किया।
सितंबर 20 में पुनर्वास केंद्र में 15 बच्चे भर्ती कराए गए। अक्तूबर 20 में चार बच्चे भर्ती हुए। इस अवसर पर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एनएस तोमर, जिला विद्यालय निरीक्षक राजू राणा, उपायुक्त मनरेगा शौकत अली, जिला समाज कल्याण अधिकारी शिशुपाल सिंह सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें