इटावा। कृषि बिलों के कानून बन जाने पर खेती-किसानी का सर्वनाश हो जाएगा। मंडी और एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) सरकारी खरीद को समाप्त कर सस्ते राशन की दुकानों को भी तोड़ा जाएगा। 25 सितंबर को किसानों का देश व्यापी प्रतिरोध होगा। यह बात सोमवार को उप्र. किसान सभा के प्रांतीय महामंत्री मुकुट सिंह ने माकपा, किसान सभा, आशा व रसोइयों के संयुक्त प्रदर्शन में कचहरी में कही।
कृषि क्षेत्र व पूरे अर्थतंत्र को देशी-विदेशी कॉरपोरेट्स के हवाले किया जा रहा हैै। कृषि बिलों को राज्य सभा में बिना मतदान के पास कराना संविधान, संसद और किसानों की पीठ में छुरा भोंका गया है। नागरिक आजादी और भाई-चारा खतरे में है। मुकुट सिंह ने कहा कि अनियोजित लॉकडाउन से अर्थव्यवस्था की कमर टूट गई है। अध्यक्षता कर रहे माकपा जिला मंत्री नाथूराम यादव ने उप्र में जंगलराज, बच्चियों-महिलाओं के साथ दुष्कर्म-उत्पीड़न को रोकने, बिजली बिलों में धांधली, आवारा पशुओं से फसल बचाने की मांग की। माकपा व आशा रसोइया यूनियन के नेता अमर सिंह शाक्य ने असंगठित, क्षेत्र में न्यूनतम वेतन 21 हजार रुपये प्रति माह करने, श्रम कानूनों में संशोधन वापस लेने और जिले में आशा, रसोइयों, आंगनबाड़ियों के शोषण और उत्पीड़न रोकने की मांग उठाई। किसान सभा के जिला मंत्री संतोष शाक्य ने अन्याय पूर्ण भूमि अधिग्रहण रोकने, बकाया प्रतिकर ब्याज, सुखाचार, नौकरी, पुनर्वास के साथ ही अंडर पासों में भरे कीचड़ से निजात दिलाने, खाद, सिंचाई की उचित व्यवस्था करने की मांग उठाई।
माकपा शहर मंत्री प्रेमशंकर यादव ने राशन वितरण में धांधली रोकने, राशन कार्ड के लिए आय प्रमाण पत्र की अनिवार्यता समाप्त करने, बुनकरों को सस्ती बिजली देने व शहरी बेरोजगारों के लिए मनरेगा के विस्तार की मांग उठाई। इस दौरान आशा यूनियन की जिला मंत्री संगीता, सुमित्रा, शकुंतला देवी, सभ्यता चौहान, सुनीता चौहान, सरस्वती, साफिया, अनीता यादव, रसोइया यूनियन के अध्यक्ष रामचंद्र, संतोष राजपूत, शिवराम सिंह, आपेंद्र यादव, विवेक यादव, नवजवान सभा के नरेंद्र शाक्य, रामवरन यादव, निजामुददीन अंसारी आदि ने विचार व्यक्त किए। संचालन अनिल दीक्षित ने किया।