इटावा। दहेज के लालच में पत्नी को मिट्टी का तेल डालकर जलाकर मारने वाले पति को फास्ट ट्रैक कोर्ट ने उम्रकैद और चार हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। आरोपी सास की सुनवाई के दौरान मौत हो गई।
राज्य सरकार की ओर से मामले के पैरवीकर्ता सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता दंड वीरेंद्र सिंह वर्मा ने बताया कि मामला कोतवाली क्षेत्र के नीचा नाला साबितगंज मोहल्ले का है। मोहल्ला निवासी गुड्डी ने मोहल्ले के ही गोविंद और उसकी मां गुड्डो के खिलाफ दहेज के लिए उसकी बेटी को मिट्टी का तेल डालकर जलाकर मार डालने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
वादी गुड्डी ने दर्ज कराई रिपोर्ट में कहा था कि उसने अपनी पुत्री आरती (25) की शादी गोविंद पुत्र लक्ष्मण से की थी। शादी में दान दहेज भी दिया था। लेकिन गोविंद और उसकी मां गुड्डो दहेज से संतुष्ट नहीं थे। उन्होंने बेटी से 20 हजार रुपये लाने की मांग की। जब वह यह मांग पूरी नहीं कर पाई तो इन लोगों ने बेटी के साथ मारपीट की।
12 जुलाई 2013 को गोविंद और उसकी मां गुड्डो ने बेटी आरती को मिट्टी का तेल डालकर आग लगा दी। खबर मिलने पर वह बेटी की ससुराल पहुंची। जहां बुरी तरह जली बेटी को जिला अस्पताल ले गई। जहां से उसे सैफई भेजा गया। अगले दिन 13 जुलाई को सैफई पीजीआई में उसकी मौत हो गई।
कोतवाली पुलिस ने गोविंद व उसकी मां गुड्डो के खिलाफ धारा 304बी, 498ए, दहेज प्रतिषेध अधिनियम की धारा 3/4 के तहत मामला दर्ज किया और कोर्ट में आरोपपत्र दाखिल किया। मुकदमे की सुनवाई के दौरान आरोपी गुड्डो की मृत्यु हो गई। अपर सत्र न्यायाधीश/फास्ट ट्रैक कोर्ट संख्या एक रेनू सिंह ने साक्ष्यों व गवाहों के आधार पर अभियुक्त गोविंद को दहेज हत्या की धारा 304बी का दोषी पाया और शनिवार को उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही कुल 4 हजार रुपये के अर्थदंड से भी दंडित किया।
शासकीय अधिवक्ता वीरेंद्र सिंह वर्मा ने बताया कि मृतका आरती के दो छोटे बच्चे हैं। शादी के छह साल बाद उसे जलाकर मार डाला गया था। उसके सास व ससुर दोनों की मृत्यु हो चुकी है। दोनों बच्चों की देखभाल परिजन कर रहे हैं।