राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून के तहत मंगलवार से जिले में राशन का वितरण शुरू हो गया। लोगों को इस योजना के प्रति जागरूक करने के लिए कई जगह गोष्ठियों का भी आयोजन किया गया। पात्रों को जानकारी दी गई कि हर माह की पांच से लेकर 15 तारीख तक खाद्यान्न का वितरण किया जाएगा।
किसी भी लोकवाणी केंद्र पर जाकर अपनी पात्रता की जांच कराएं इसके बाद राशन डीलर के यहां से खाद्यान्न मिलने लगेगा। सुंदरपुर मार्ग पर हुए मुख्य आयोजन में पात्रों को निर्धारित मात्रा में राशन देकर नई व्यवस्था का शुभारंभ किया गया।
इस मौके पर राज्यमंत्री केपी सिंह चौहान ने कहा कि केंद्र व यूपी सरकार ने गरीबों के हित में यह बड़ा कदम उठाया है। उन्होंने पूर्ति विभाग से आग्रह किया कि इस योजना के तहत आगे जो भी पात्र जोड़े जाएं। उनके आधार कार्ड अवश्य होने चाहिए, जिससे फर्जीवाड़े पर रोक लग सके।
सदर विधायक रघुराज सिंह शाक्य ने कहा कि तमाम गरीब परिवार अशिक्षा के चलते सरकारी योजनाओं से वंचित हो जाते हैं। कोटा डीलरों की जिम्मेदारी होनी चाहिए कि उनके क्षेत्र में यदि ऐसा कोई गरीब परिवार बचा है, जो खाद्य सुरक्षा कानून के लाभ से वंचित है, उसका फार्म भरवाएं और सूची में शामिल कराएं।
डीएम नितिन बंसल ने बताया कि खाद्य सुरक्षा कानून के दायरे में 80 फीसदी परिवार शामिल किए जाएंगे। खाद्यान्न वितरण में हेराफेरी रोकने के लिए एफसीआई गोदाम से लेकर राशन डीलर तक मानीटरिंग की व्यवस्था की गई है।
राशन डीलर का मुनाफा बढ़ा
खाद्य उपायुक्त अनूप शंकर ने बताया की राशन डीलर तक खाद्यान्न निशुल्क पहुंचाया जाएगा। डीलर का मार्जिन भी प्रति क्विंटल 17 रुपये से बढ़ाकर 70 रुपये कर दिया गया है। नगरीय क्षेत्र में जल्द ही स्मार्ट कार्ड के माध्यम से पात्रों को खाद्यान्न उपलब्ध होगा।
दो रुपये में गेहूं, तीन रुपये में चावल
जिला पूर्ति अधिकारी सत्यवीर सिंह ने बताया कि नई व्यवस्था में अंत्योदय व अन्य पात्र गृहस्थियों को दो रुपये किलो गेहूं व तीन रुपये किलो चावल मिलेगा। अंत्योदय पात्रों को प्रति कार्ड 35 किलो और पात्र गृहस्थियों को पांच किलो प्रति यूनिट गेहूं व चावल दिया जाएगा। राशन डीलरों के यहां पात्रों की संख्या समान करने के उद्देश्य से फेरबदल भी किया गया है।